रोजी रोटी के सिलसिले में दिल्ली, मुंबई गए परदेशियों को दिवाली पर घर लौटने में परेशानी का सामना करना पड़ेगा। अभी से ही ट्रेनों में 100 से 150 वेटिंग लिस्ट चल रही है। आने वाले दस दिनों में सभी में नो रूम की स्थिति बन जाएगी।
12 नवंबर को दिवाली है और हर कोई इसको अपने परिवार के साथ मनाना चाहता है। ऐसे में रोजगार के सिलसिले से दिल्ली और मुंबई, गुजरात गए परदेशी घर लौटने की तैयारी में हैं। अधिकांश लोगों ने ट्रेन का टिकट भी बुक करा लिया है। बचे लोग अब इसके लिए परेशान हो रहे हैं।
दिल्ली से प्रतापगढ़ को आने वाली पद्मावत एक्सप्रेस में 117 तो दिल्ली-वाराणसी काशी विश्वनाथ में 189 वेटिंग है। मुंबई से अयोध्या को जाने वाली साकेत एक्सप्रेस व तुलसी एक्सप्रेस में नो रूम है। उद्योगनरी एक्सप्रेस में 148 वेटिंग है। ऐसे में दीपावली मनाने घर आने वाले परदेशियों को ट्रेनों में कन्फर्म सीट के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।
वापसी में कन्फर्म सीट को तत्काल का ही सहारा रह गया है। दीपावली के बाद प्रतापगढ़ से दिल्ली और मुंबई जाने वाली ट्रेनों में लम्बी वेटिंग है। सीनियर डीसीएम रेखा शर्मा ने बताया कि दिवाली अभी दूर है, मगर अभी से ही ट्रेन में टिकट मिलना मुश्किल हो गया है। स्पेशल ट्रेनों का भी संचालन रेलवे बोर्ड ने किया है। आने वाले दस दिनों में नो रूम की स्थित बन जाएगी।