लंबे इंतजार के बाद मंगलवार को जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट का संचालन शुरू हो गया। रानीगंज विधायक धीरज ओझा ने विधि विधान से पूजन अर्चन कर फीता काटकर डायलिसिस सेंटर का शुभारंभ किया। इससे किडनी की बीमारी से जूझ रहे लोगों को राहत मिलेगा। अब पीड़ित मरीजों को प्रयागराज, लखनऊ व दिल्ली का चक्कर नहीं लगाना होगा। जिले में ही लोग मुफ्त में अपना डायलिसिस कराएंगे। पहले दिन पांच मरीजों का डायलिसिस किया गया। 12 मरीजों ने उपचार के लिए पंजीकरण कराया।
जिला अस्पताल में 1.5 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित नि:शुल्क डायलिसिस सेंटर में चार यूनिट स्थापित किया गया है। जिसमे एक साथ चार मरीजों का डाइलिसिस चार घंटे के भीतर हो सके। डायलिसिस सेंटर का शुभारंभ करने के पश्चात रानीगंज विधायक धीरज ओझा की मौजूदगी में डॉ. आर बी सिंह व सेंटर हेड पूर्व सीएमओ डॉ मधुसूदन शर्मा ने डायलिसिस प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीते दो साल से डायलिसिस यूनिट का निर्माण चल रहा था। आठ बेड के इस यूनिट में अभी महज चार मशीनें लगाई जा सकी है। चार मशीनें जल्द आने की उम्मीद है। डायलिसिस सेंटर के उद्घाटन के मौके पर जिला अस्पताल के सीएमएस ने स्वास्थ्य विभाग के मुखिया को भी बुलाना उचित नहीं समझा। इस मौके पर रानीगंज विधायक ने कहा कि डायलिसिस यूनिट तैयार होना बहुत बड़ी बात है। इसका श्रेय सूबे के मुख्यमंत्री को जाता है। इसका संचालन प्रारंभ होने के बाद अब मरीजों को लखनऊ, प्रयागराज व दिल्ली का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। न ही उन्हें डायलिसिस के लिए 70 से 80 हजार रूपये चुकाने होंगे। इस मौके पर सीएमएस योगेंद्र यति , डा. मनोज खत्री, डा. राकेश त्रिपाठी, ग्राम्य विकास राज्य मंत्री के प्रतिनिधि दिनेश शर्मा, डा. चंद्रशेखर, प्रतिनिधि नीरज ओझा, शिवम ओझा, ललित तिवारी, अमित दुबे, डॉक्टर इम्तियाज मौजूद रहे। शुभारंभ के दिन ही डायलिसिस यूनिट में पहले दिन पांच मरीज भर्ती किए गए। इनमें बलीपुर के राकेश कुमार हैं, उत्कर्ष सिंह, सरदार रजवंत सिंह समेत पांच लोग है। 12 लोगों ने पंजीयन कराया।
सीसीटीवी कैमरा में कैद होंगे मरीज
तडायलिसिस कराने के लिए आने वाले मरीज सीसीटीवी कैमरे में कैद होते रहेंगे। पूरे परिसर में कैमरा लगा हुआ है। मरीजों को छोड़कर अन्य बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। बताया जा रहा है कि शुरूआती दौर में सुबह आठ से रात आठ बजे तक आने वाले मरीजों को डायलिसिस की सुविधा मिलेगी। रजिस्ट्रेशन कराने के बाद मरीजों को नंबर के लिए सीएमएस से अनुमति लेना होगा।
विधायक ने सीएमओ और डीएम को बुलाने को कहा, मगर सीएमएस ने नहीं दिया ध्यान
रानीगंज विधायक धीरज ओझा डायलिसिस यूनिट का शुभारंभ करने पहुंचे। वहां न तो जिलाधिकारी दिखे और न ही सीएमओ। विधायक ने दोनों अधिकारियों की गैरमौजूदगी का कारण पूछा। जिसका सीएमएस जवाब नहीं दे सके। जबकि इतनी बड़े योजना का शुभारंभ करने के लिए डीएम, सीएमओ, सीडीओ की मौजूदगी जरूरी थी।