100 नंबर पर आने वाले कॉलों की समीक्षा करते एसएसपी
शासन के निर्देश पर 100 नंबर की पुलिस सेवा को बेहतर बनाने के लिए जनपद के हर गांवों का खाका तैयार करने में महकमा जुटा हुआ है। अब तक 22 हजार से अधिक स्थानों को चिह्नित कर तस्वीरें अपलोड कर दी गईं हैं। जबकि अन्य स्थानों को अपडेट करने का काम चल रहा है। इससे 100 सेवा की ड्यूटी में लगी पुलिस टीम लोगों की मदद के लिए जल्द से जल्द पहुंचेगी। टीम के लोगों को किसी से रास्ता नहीं पूछना होगा।
शासन के निर्देश पर जनपद में डायल 100 सेवा के लिए तेजी से काम हो रहा है। पुलिस अधीक्षक के आदेश के बाद सीसीटीएनएस में लगे सिपाहियों की मदद में थाने के दो स्मार्टफोन धारक सिपाहियों को भी लगाया गया है। डायल 100 सेवा को बेहतर बनाने के लिए आला अधिकारियों ने 60 बिंदुओं वाले प्रारूप की प्रक्रिया को पूरा करने के साथ ही उसे अपलोड करने का निर्देश दिया है। सभी थानों के दो सिपाही गांव से लेकर बाजार व तहसील तक फोटो खींच रहे हैं।
आदेश में कहा गया है कि गांवों के सरकारी संस्थानों या फिर प्रतिष्ठित व्यक्ति के नाम के साथ ही वहां की फोटो खींचकर मुख्यालय भेजना है। जिसे सीसीटीएनएस में तैनात आरक्षी उसे देखेंगे। यदि वे अपेक्षा पर खरी उतर रही है तो उसे डाटा पर अपलोड किया जाएगा। अन्यथा उसे रिजेक्ट कर दिया जाएगा। खास बात यह है कि रेलवे क्रासिंग, एनएच, सरकारी कार्यालय, अस्पताल, कालेज, चौराहा, छोटी व बड़ी बाजार, पंचायत भवन समेत अन्य चिन्हित स्थानों को कंट्रोल रूम अपलोड करेगा। ताकि शिकायत कर्ता हादसे की खबर मिलने के बाद लखनऊ में बैठे लोग डायल 100 सेवा में लगी नजदीकी पुलिस टीम को पता बताने के साथ ही मौके पर भेज सके। फोन करने वाले से उसके गांव या करीब के प्रतिष्ठित स्थान के बारे में पूछा जाएगा। टीम के लोगों को उस स्थान पर पहुंचना होगा ताकि वह पीड़ित की तत्काल मदद कर सके।
डायल 100 सेवा के लिए शहर से लेकर गांव तक के प्रतिष्ठित स्थान व लोगों के घरों की फोटो भेजी जा रही है। इसके साथ ही रूट मैप भी डाटा में अपलोड कराया जा रहा है। दिसंबर तक इस सेवा का लाभ जनपद के लोगों को मिलने की संभावना है।
नीरज पांडेय, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी