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Pratapgarh News: देवशयनी एकादशी आज, चातुर्मास में 118 दिनों तक नहीं होंगे शुभ कार्य

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उदया तिथि होने के कारण देवशयनी एकादशी रविवार को मनाई जाएगी। इसके साथ ही चातुर्मास की भी शुरुआत हो जाएगी। 118 दिनों तक चातुर्मास के दौरान शुभ व मांगलिक कार्य निषेध रहेंगे। शनिवार शाम 6:58 बजे से एकादशी तिथि शुरू होकर रविवार रात 9.14 बजे तक रहेगी।
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धार्मिक मान्यता के मुताबिक चातुर्मास में भगवान विष्णु क्षीरसागर में योग निंद्रा में चले जाते हैं। इस दौरान धरती का कार्यभार भगवान शिव संभालते हैं। यही कारण है कि चातुर्मास में भगवान शिव का विशेष रूप से पूजन-अर्चन व जलाभिषेक किया जाता है। एक नवंबर को देवउठनी एकादशी पर चातुर्मास का समापन होगा। इसके बाद मांगलिक कार्य होंगे।
ज्योतिषाचार्य विजय विवेकानंद ने बताया कि चातुर्मास के चार महीने श्रावण, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक मास का विशेष महत्व है। इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन संस्कार समेत अन्य शुभ कार्य निषेध रहते हैं।
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चातुर्मास के बाद इस साल 12 शुभ मुहूर्त
धर्माचार्य ओमप्रकाश पांडेय ने बताया कि अब नवंबर में ही विवाह के शुभ मुहूर्त होंगे। नवंबर में दो, तीन, आठ, 12, 15, 16, 22, 23 व 25 तथा दिसंबर में चार, पांच और छह को विवाह का शुभ मुहूर्त होगा। इस साल कुल 12 शुभ मुहूर्त हैं।
चातुर्मास में जैन और बौद्ध धर्म के लिए विशेष
सुगतानंद बुद्ध विहार के बौद्ध भिक्षु कुंजीलाल ने बताया कि गौतम बुद्ध ने वर्षा ऋतु में भ्रमण न करने और एक ही स्थान पर ध्यान करने का उपदेश दिया था। वहीं, जैन धर्म में यह काल पर्यूषण पर्व होता है। जिसके लिए भक्त मंदिरों में पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं।
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