धार्मिक नगरी मानिकपुर में कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर सोमवार को मां ज्वालामुखी देवी धाम के पांच दिवसीय दिनी मेले के मुख्य स्नान पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने गंगा में पुण्य की डुबकी लगाई। डुबकी लगाकर श्रद्धालुओं ने मां ज्वाला देवी धाम में माथा टेक कर पूजन-अर्चन किया। प्रशासन का दावा है कि रविवार आधी रात के बाद स्थान शुरू हो गया। करीब दो लाख लोगों ने डुबकी लगाई।
मानिकपुर के मेले में प्रतापगढ़ जनपद के अलावा सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, कौशाम्बी, जौनपुर समेत विभिन्न जनपदों से श्रद्धालु गंगा में डुबकी लगाने पहुंचे। श्रद्धालुओं के लिए राज्य परिवहन निगम की 32 बसें लगाई गई थीं। रहमत अली के पुरवा के पास अस्थायी बस अड्डा बनाया गया था।
पुलिस, पीएसी, होमगार्ड, पीआरडी व एसडीआरएफ की जल पुलिस कि समुचित व्यवस्था की गई थी। स्वास्थ्य विभाग की तरफ से शाहाबाद गंगा स्नान घाट व मां ज्वालामुखी देवी धाम पर दो अलग-अलग निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाया गया। दोनों स्थानों पर भूले-भटके शिविर मेलार्थियों को उनके परिजनों से मिलाया गया।
नगर पंचायत मानिकपुर अध्यक्ष चंद्रलता जयसवाल, अधिशासी अधिकारी अजीत कुमार सिंह नगर प्रशासन के कर्मचारियों के साथ क्षेत्र में व्यवस्था के लिए भ्रमण करते रहे। यहां पर गंगा स्नान घाट व मंदिर पर रैन बसेरा, अलाव व शिफ्टवार साफ-सफाई की व्यवस्था की गई थी। एएसपी रोहित मिश्रा, एसडीएम मेला मजिस्ट्रेट भरत राम, सीओ अजीत कुमार सिंह, एसओ मनीष कुमार पांडेय दलबल के साथ मेला क्षेत्र में रात्रि से ही पूरे मेला क्षेत्र में भ्रमण करते रहे।
मां ज्वालामुखी देवी मंदिर ट्रस्ट सचिव व मेला व्यवस्थापक डॉक्टर विजय यादव, सदस्य त्रिभुवन नाथ यादव, अनिल कुमार मौर्य, तुलसीराम पटेल, राजकुमार, बाबा प्रयाग दास, अनिकेत यादव आदि ने मेले की व्यवस्था में सहयोग किया। शाहाबाद स्नान घाट पर पुरोहित संघ अध्यक्ष प्रेमनाथ दीक्षित, उपाध्यक्ष गिरजा शंकर द्विवेदी उर्फ पुजारी घाट पर निगरानी करते रहे।