सावन के पहले सोमवार पर घुइसरनाथधाम में बरसात के बीच शिवभक्तों ने दिनभर जलाभिषेक किया। प्रशासन की गाइड लाइन आस्था के आगे दूर-दूर तक नहीं टिक सकी। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के जयकारे के बीच दिन भर-दर्शन पूजन किया और फूल माला व प्रसाद अर्पित किया।
बाबा घुइसरनाथ धाम में सावन माह के पहले सोमवार पर हजारों की संख्या में शिवभक्त दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे। प्रशासन ने एक दिन पहले गाइड लाइन जारी कर मंदिर में जल चढ़ाने के साथ रुद्राभिषेक, भंडारा व धार्मिक अनुष्ठान पर रोक लगाई थी। लेकिन सोमवार को श्रद्धालुओं की आस्था के आगे गाइड लाइन दूर-दूर तक नहीं टिक सकी। यहां पहुंचे श्रद्धालुओं ने मंदिर में जलाभिषेक किया और फूल-माला के साथ प्रसाद चढ़ाया। मंदिर
प्रशासन माइक से अपील करता रहा, लेकिन श्रद्धालुओं ने एक नहीं सुनी। श्रद्धालुओं ने पांच-पांच की संख्या में मंदिर में दर्शन-पूजन किया। बीच-बीच में श्रद्धालुओं को कतार में रोककर क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना की ओर से उपलब्ध कराई गई मशीन से मंदिर परिसर को सैनिटाइज किया जाता रहा। श्रद्धालुओं की आस्था को बरसात भी नहीं रोक सकी। प्रशासन की सख्ती के चतले मंदिर परिसर में रुद्राभिषेक, भंडारा व धार्मिक अनुष्ठान नहीं हुआ।
जलाभिषेक से पहले कुछ शिवभक्तों ने सई नदी में स्नान भी किया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सांगीपुर थाने के प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार के साथ पुलिस बल तैनात रहा। देर शाम तक भक्तों के आने का सिलसिला जारी था।
कावंड़ यात्रा पर रोक से नहीं दिखा रेला
कोरोना संक्रमण के चलते इस बार सावन में शासन की ओर से कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके चलते इस बार कावंड़िय़ों कावड़ियों का रेला नहीं दिखा। इससे पहले सावन महीने के दौरान प्रतिदिन हजारों की संख्या में कांवड़िए जलाभिषेक को पहुंचते थे। सोमवार को तो लाखों की संख्या में कांवड़िए जलाभिषेक के लिए जुटते थे। घुइसरनाथधाम में प्रशासन ने इस बार अस्थायी दुकानें नहीं लगने दीं, जिससे मेला भी नहीं लग सका। सिर्फ स्थायी दुकानों को शर्तों के साथ खोलने की अनुमति दी गई है।
जलभराव से नाराज अधिवक्ताओं ने सौंपा ज्ञापन
तहसील परिसर में जलभराव से नाराज अधिवक्ताओं ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। सोमवार को संयुक्त अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष अनिल तिवारी महेश की अग ुवाई में जुटे अधिवक्ताओं ने बरसात के बाद तहसील परिसर में हुए जलभराव व गेट नंबर एक के शेड से रिसाव पर नाराजगी जताई।
नाराज अधिवक्ताओं ने एसडीएम बीके प्रसाद को ज्ञापन सौंपकर अधिवक्ताओं व वादकारियों को जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की। अध्यक्ष अनिल तिवारी ने कहा कि तहसील परिसर में जलभराव की समस्या दूर करने के लिए पहले भी प्रशासन को ज्ञापन दिया गया, लेकिन अभी तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होने कहा कि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो अधिवक्ता आंदोलन का बाध्य होंगे। इस मौके पर उपाध्यक्ष दिनेश सिंह, विनय शुक्ल, रामकुमार पांडेय, देवी प्रसाद मिश्र, टीपी यादव, ज्ञान प्रकाश शुक्ल, बेनीलाल शुक्ल, हरिशंकर द्विवेदी, सत्येंद्र श्रीवास्तव, शैलेंद्र शुक्ल, संतोष पांडेय, शेष तिवारी, शिवनारायण शुक्ल आदि मौजूद रहे।
250 की हुई थर्मल स्क्रीनिंग, आठ लोगों का लिया सैंपल
कोरोना पीड़ित के मुंबई से गांव पहुंचने पर परिजनों को होम क्वारंटीन किया गया है। ग्रामीणों थर्मल स्क्रीनिंग के साथ ही पीड़ित के परिजनों का सैंपल जांच के लिए भेजा गया।
उदयपुर थाना क्षेत्र के ऊछापुर निवासी 40 वर्षीय युवक मुंबई में रहकर कोरोबार करता है।
मुंबई में जांच रिपोर्ट पाजिटिव आने के बाद वह घर भाग आया। जानकारी पर स्वास्थ्य विभाग ने रविवार को उसे कोविड अस्पताल में भर्ती करा दिया। कोरोना पीड़ित व्यापारी को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद दूसरे दिन सोमवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य की पड़ताल शुरू की। गंाव में ढाई सौ लोगों की थर्मल स्क्रीङ्क्षनग की गई। पीड़ित के परिवार के आठ सदस्यों का सैंपल लेकर कोरोना की जांच के लिए प्रयागराज भेजा गया।
वहीं पीड़ित के परिवार के सभी सदस्यों को जांच रिपोर्ट आने तक होम क्वारंटाइन किया गया है। पीड़ित का भाई भी तीन दिन पहले ही मुंबई से घर आया था। इससे परिजन कोरोना को लेकर दहशत में हैं और ग्रामीणों में अफरातफरी का माहौल है। सांगीपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिषेक सिंह ने बताया कि सभी गांव वालों की थर्मल स्क्रीनिंग कराई जाएगी। संदिग्धों का सैंपल भी जांच के लिए भेजा जा रहा है।