गौरा सीएचसी के सामने संचालित खुशी क्लीनिक में प्रसव के बाद नवजात की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मंगलवार को डिप्टी सीएमओ जांच करने पहुंचे। अस्पताल को सील करने के बाद अवैध रूप से संचालित पैथाेलॉजी सेंटर व एक्सरे केंद्र को सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई से खलबली मची रही।
रानीगंज थाना क्षेत्र के दमदम निवासी जितेंद्र कुमार सरोज की पत्नी 25 वर्षीय निशा सरोज को प्रसव पीड़ा होने पर रविवार को खुशी क्लीनिक में भर्ती कराया गया। सोमवार को प्रसव पीड़िता ने एक बच्ची को जन्म दिया, जिसकी कुछ देर बाद मौत हो गई। मौत के बाद प्रसूता निशा की हालत बिगड़ गई। जिसे लेकर परिजनों ने हंगामा किया। पुलिस ने प्रसूता की हालत गंभीर देख प्रयागराज भेजवाया।
खुली क्लीनिक में प्रसव के बाद जन्म लेने वाली बच्ची के मौत की जांच करने मंगलवार को डिप्टी सीएमओ राजेश कुमार पहुंचे। छानबीन के दौरान जिम्मेदार कोई कागजात नहीं दिखा सके। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने क्लीनिक को सील कर दिया। इसके उपरांत सीएचसी के सामने अवैध रूप से संचालित लकी पैथोलॉजी, कृष्ण पैथोलॉजी, ओम साइन पैथोलॉजी, आदर्श पैथोलॉजी संथाली एक्स-रे सेंटर को भी सील कर दिया।
फतनपुर थाना के सामने मौजूद जीव मल्टी स्पेसयिलिटी क्लीनिक में जांच करने पहुंचे। जहां बोर्ड पर लिखे चिकित्सक से बातचीत की। डॉक्टरों ने जानकारी से इन्कार कर दिया। सुवंसा बाजार, गीता नगर बाजार, कैलीडीह में स्वास्थ्य विभाग छानबीन करने पहुंची। हालांकि इस बात की चर्चा होती रही कि कुछ लोगों पर टीम ने शिकंजा कसा लेकिन कुछ लोगों को राहत दे दी। डिप्टी सीएमओ राजेश कुमार ने बताया कि क्लीनिक को सील कर दिया गया है। संचालक से पत्रावली तलब की गई है।