प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने भ्रष्टाचार रोकने के लिए मंत्रियों, विधायकों और सांसदों का नारको टेस्ट कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कहा कि लोगों के खून में भ्रष्टाचार समा गया है। इसलिए इसे एक झटके में उखाड़कर फेंकना संभव नहीं है। उन्होंने विधायक और सांसद निधि को बंद करने की मांग की।
शनिवार को लोक निर्माण विभाग के डाक बंगले में पत्रकारों के साथ बात करते हुए मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ और पीएम नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार को रोकने के लिए व्यापक स्तर पर प्रयास कर रहे हैं, मगर इसका कोई असर नहीं पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए सबसे पहले मंत्रियों, विधायकों और सांसदों का नारको टेस्ट कराना होगा। उन्होंने कहा कि जब यह अभियान प्रारंभ होगा तो सबसे पहले मैं अपना नारको टेस्ट कराउंगा। विधायक और सांसद निधि पर रोक लगाने की मांग करते हुए उन्होंने पिछड़ी जातियों का कोटा निर्धारित करने की कार्रवाई की सराहना की। उन्होेंने हाईकोर्ट के आदेश का जिक्र करते हुए कहा कि यादव, यदुवंशियों ने सबसे अधिक आरक्षण का लाभ लिया है। इसलिए 27 प्रतिशत आरक्षण में सभी जातियों का कोटा निश्चित होना चाहिए।