वाराणसी से जोधपुर जा रही मरुधर एक्सप्रेस के गुरुवार की रात साढ़े नौ बजे चिलबिला स्टेशन से पहले क्रासिंग के पास टूटे ट्रैक से गुजरने की घटना की जांच के लिए शनिवार को डीआरएम के यहां से टीम आ धमकी। डीआरएम आफिस से आए डीविजनल इंजीनियर ने एडीएन के साथ ट्राली से चिलबिला, जगेशरगंज, अंतू तक ट्रैक की जांच की।
प्रतापगढ़ से सटे चिलबिला रेलवे जंक्शन से ठीक पहले क्रासिंग के पास गुरुवार की रात करीब साढ़े नौ बजे ट्रैक फ्रैक्चर हो गया था। इसके बारे में किसी को भनक तक नहीं थी। वाराणसी से जोधपुर को जाने वाली मरुधर एक्सप्रेस गुजरी तो तेज आवाज आ रही थी। चालक ने इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर चिलबिला के साथ कंट्रोल को दी। शनिवार को अखबारों में खबर प्रकाशित हुई तो रेल महकमे की नींद टूटी। डीविजनल इंजीनियर विकास गोयल प्रतापगढ़ पहुंचे। एडीएम सचान के साथ वह ट्रैक का निरीक्षण करने के लिए ट्राली से निकल पड़े। दिन भर निरीक्षण करने के बाद लखनऊ लौट गए। जो खामियां थी उसे दुरुस्त करवाने के लिए पीडब्ल्यूआाई के साथ एडीएन को निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि वैसे पुरानी पटरियां बिछी हुई हैं। उनको बदलने का कार्य चल रहा है।