रेलकर्मियों को दस हजार एडवांस देने की कवायद महज झुनझुना साबित हुई। दस हजार देने के बजाए रेलवे ने कर्मचारियों के पगार से उल्टा दस हजार एडवांस की कटौती कर दी है। इससे कर्मचारियों में काफी रोष है। उनके गुस्से को शांत करने के लिये फिलहाल रेलवे ने बैंक से 25 करोड़ की मांग की है। पता चला है कि बैंक ने केवल दस करोड़ देने का वादा किया है। भला इतने कम पैसे से क्या होगा। किस-किस को दिया जायेगा। यह सोचकर प्रतापगढ़ के रेल कर्मचारी हैरान हैं। उनकी उम्मीदों पर पानी फिरता दिखाई दे रहा है।
नार्दर्न रेलवे में लखनऊ डिवीजन के कर्मचारियों की हालत खराब है। वेतन से दस हजार की कटौती किये जाने से लोग बौखला गये हैं। प्रतापगढ़ में करीब एक हजार रेलकर्मचारी हैं। एडवांस मिलने को कौन कहे उनके ही वेतन से दस हजार की कटौती कर दी गई है। शुक्रवार को जब इसकी जानकारी कर्मचारियों को हुई है तब से हल्ला मचा हुआ है। इसी बीच पता चला कि लखनऊ में बैंक ने रेल प्रशासन की मांग पर 25 में से केवल दस करोड़ रुपये ही देने की हामी भरी है। कैशियर कार्यालय के सूत्रों का कहना है कि जो दस करोड़ मिलने वाले हैं वे पुराने सड़े-गले ओर कटे-फटे नोट हैं। पता चला है कि इस रकम को रेलवे उन स्टेशनों के कर्मचारियों को पहले देगा जहां पर डी ग्रुप के कर्मचारी अधिक हैं। कर्मचारियों के नेता यूआरएमयू के मंडल मंत्री रविभूषण सिन्हा ने बताया कि रेलकर्मचारियों के वेतन से काटे गये दस हजार रुपये देने की बात चल रही है। अफसरों का कहना है कि 25 करोड़ मांगा गया था। मगर केवल दस करोड़ मिलने का भरोसा दिया गया है।