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Pratapgarh News: इंस्टाग्राम पर दोस्ती के बाद दीपक का कंधई में हुआ था आना-जाना

Sat, 11 Apr 2026 12:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़

सार

उन्नाव के रहने वाले दीपक उर्फ राहुल की ढाई साल पहले कंधई थाना क्षेत्र की एक विवाहिता से इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई थी। दोनों की मुलाकात धीरे-धीरे प्रेम में बदल गई। इस बीच विवाहिता ने दीपक की हरकतों से तंग आकर आग लगाकर जान दे दी थी। इसके बाद महिला के परिवार वालों ने दीपक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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आत्महत्या। - फोटो : Social media
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विस्तार
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उन्नाव के रहने वाले दीपक उर्फ राहुल की ढाई साल पहले कंधई थाना क्षेत्र की एक विवाहिता से इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई थी। दोनों की मुलाकात धीरे-धीरे प्रेम में बदल गई। इस बीच विवाहिता ने दीपक की हरकतों से तंग आकर आग लगाकर जान दे दी थी। इसके बाद महिला के परिवार वालों ने दीपक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
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पुलिस के अनुसार दीपक जनपद उन्नाव के माखी थाने के पूर्वा मिर्जापुर का निवासी था। दर्ज प्राथमिकी में वादिनी ने दीपक व उसकी करीबी महिला पर आरोप लगाया था। उसका कहना था कि दीपक को अपने घर बुलाने वाली महिला उसकी चचिया सास व उसकी बेटी को अपने घर पर बहाने से बुलाती थी।



इस बीच दीपक पड़ोस की मां-बेटी से बात करते हुए उनसे अश्लील हरकत करने लगा। इसका वीडियो भी बना लिया। महिला व दीपक मिलकर वीडियो वायरल करने का दबाव बनाकर रुपये की मांग करने लगे।
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अश्लील वीडियो को लेकर दीपक ने मां-बेटी को जान से मारने की धमकी भी दी। इससे क्षुब्ध होकर विवाहिता 31 नवंबर 2023 को आत्महत्या कर ली। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पांच माह पहले दीपक को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। मृतक तीन भाइयों में सबसे छोटा था। घटना की जानकारी मिलने पर मां बिटोला, बड़ा भाई पोती परिजनों के साथ प्रतापगढ़ के लिए निकल पड़े। वहीं मामले में डीएम ने मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दे दिए हैं।


बंदी को कहां से मिली माचिस

जिला कारागार में निरुद्ध बंदी दीपक की संदिग्ध मौत पर कई सवाल उठ रहे हैं। आखिर बंदी को माचिस कहां से मिली। वह खेत की ओर निकला तो उसकी निगरानी में बंदीरक्षक क्यों नहीं गए। शौचालय की ओर न जाकर वह लकड़ियों व गेहूं की फसल के एकत्र डंठल के पास तक कैसे पहुंच गया और कैसे आग लगा ली। जो किसी ने नहीं देखा। गर्मी के बीच आग में वह पूरी तरह जल गया और उसकी चीख तक नहीं निकली।


आग से जलने के बावजूद वह भागा क्यों नहीं। इन सब सवालों का जवाब जेल प्रशासन यह दे रहा कि घटनास्थल की ओर जाने वाले बंदी के फुटेज मिले हैं। उस ओर दूसरा कोई गया तक नहीं। निगरानी करने में लापरवाही जरूर हुई है। एडीएम से लेकर डीआईजी जेल तक सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद बंदियों से पूछताछ करते रहे। उसके पास आग जलाने के लिए माचिस कहां से पहुंची। यह जांच में स्पष्ट हो जाएगा। फिलहाल जेल के भीतर हुई इस घटना से बंदियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।


कराई गई परेड, बजाई घंटी


घटना के समय दूसरे बंदियों के परिजन मुलाकात कर रहे थे। आग से बंदी के मौत की खबर लगते ही जेल में सनसनी फैल गई। आनन-फानन में घंटी बजाकर बंदियों को बैरक में भेजा गया। जहां सभी की परेड कराते हुए गिनती हुई। इसके बाद जेल प्रशासन को दीपक उर्फ राहुल के आत्महत्या करने की बात पुख्ता हो सकी।

बंद रही क्राॅसिंग, फंस गई फायर ब्रिगेड

जेल में आग बुझाने के लिए जाते समय फायर बि्रगेड वाहन जेल क्राॅसिंग पर फंस गया। फायरमैन बाइक लेकर जेल पहुंचे। हालांकि तब तक आग पर जेल के बंदीरक्षक समेत अन्य लोगों ने आग पर काबू पा लिया था।


एंबुलेंस को लगाना पड़ा धक्का

जेल के भीतर बंदी दीपक उर्फ राहुल के शव को मॉर्च्यूरी भेजने के लिए कारागार की एंबुलेंस को भीतर ले जाने की तैयारी होने लगी। एंबुलेंस स्टार्ट नहीं हुई। जिसके बाद उसे धक्का लगाना पड़ा।

अफसरों ने साधी सवालों पर चुप्पी

जेल में बंदी की आग लगने से संदिग्ध मौत की खबर के बाद डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता, एडीएम आदित्य प्रजापति पहुंचे। पांच घंटे तक छानबीन के बाद डीआईजी बाहर निकले। घटना को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब देने की बजाय डीआईजी ने कहा कि जांच पूरी होने का इंतजार करें। एडीएम भी सवालों से बचते हुए निकल गए। साथ ही जनपद के आला अफसरों ने बयान देने से दूरी बनाई।

पांच घंटे तक चली जांच, बंदियों का दर्ज किया गया बयान

जेल में बंदी दीपक उर्फ राहुल की संदिग्ध दशा में हुई मौत के बाद डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता, एडीएम आदित्य प्रजापति ने पांच घंटे तक जांच की। आठ नंबर बैरक में दीपक को रखा गया था। वहां बंद दूसरे बंदियों का अधिकारियों ने बयान दर्ज किया। जेल के सूत्रों के अनुसार बंदियों ने बताया कि वह दो दिन से तनाव में था। सीसीटीवी फुटेज को अधिकारियों ने कब्जे में लिया। फॉरेंसिक टीम ने भी साक्ष्य जुटाए।
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जेल में बंदी की मौत पर कब क्या हुआ


=सुबह 11:55 बजे बंदी बैरक से बाहर निकलकर खेत की ओर गया।


=दोपहर 12:15 बजे आग देख बंदीरक्षकों ने शोर मचाया।


=दोपहर 12:30 बजे आग बुझाने के लिए बंदीरक्षक प्रयास करने लगे।


=दोपहर 12:45 बजे जेल रोड क्राॅसिंग बंद होने पर फायरब्रिगेड वाहन फंसा


=दोपहर 12:50 बजे आग बुझने पर युवक का शव दिखा।


=दोपहर एक बजे एडीएम, एएसपी पूर्वी समेत अन्य अधिकारी पहुंचे।


=दोपहर तीन बजे फॉरेंसिक टीम जेल पहुंची।


=शाम पांच बजे डीआईजी जेल प्रदीप गुप्ता कारागार पहुंचे।


=शाम सात बजे शव को एंबुलेंस से पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।



=रात 8:30 बजे जांच कर जेल से बाहर निकले डीआईजी जेल।
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