जिला मुख्यालय से 14 किमी दूर स्थित लक्ष्मणपुर ब्लॉक के श्रीकांत का पुरवा गांव में आजादी के दशकों बाद भी 500 मीटर लंबी सड़क न बन सकी। जिस वजह से गांव के सात सौ लोगों को बारिश में कच्चे रास्ते होकर जाना पड़ता है।
आलम यह है कि किसी के बीमार हो जाने पर गांव में एंबुलेंस व वाहन तक नहीं आ सकते हैं। कई बार शिकायत भी की गई। लेकिन, समाधान नहीं हुआ। चकबंदी प्रक्रिया में गांव आने के बाद उम्मीद जगी लेकिन बाग होने के कारण सड़क का निर्माण नहीं हो सका। जबकि सीएम योगी ने 500 से अधिक आबादी वाले गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने का निर्देश दिया है। इसके बाद भी समस्या का समाधान न सका।
गांव के बच्चा शुक्ला ने बताया कि कई दशक इंतजार में बीत गए ,लेकिन सड़क नहीं बन पाई। बारिश में गांव पहुंचा मुश्किल हो जाता है। समस्या को देखते हुए गांव के बाहर हाईवे के किनारे घर बना लिया। राहुल तिवारी ने बताया कि कई बार प्रयास किया गया कि लेकिन हमारी समस्या का निराकरण नहीं हुआ। बारिश में बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत होती है।
एसडीएम लालगंज शैलेंद्र वर्मा ने बताया कि मामला संज्ञान में है। विभागीय अफसरों से आख्या मांगी जाएगी। एक्सईएन पीडब्ल्यूडी बीएम सिंह ने बताया कि ग्रामीणों का सर्वे कराकर शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।