इन किसानों को ऋण देने से हाथ खड़ा करने वाले बैंक जल्द ही उनके लिए अपना दरवाजा खोलने जा रहे हैं। योगी सरकार ने एनपीए (नॉन परफार्मेसी एकाउंट) खातों के कर्ज की भरपाई करने का फैसला लिया है। शासन के निर्देश पर जिला प्रशासन ने जिले की सभी बैंक शाखाओं से ऐसे खातों और धनराशि का विवरण तलब किया है।
किसानों का एक लाख तक का कर्जा माफ करने की कवायद तेज होने के साथ ही योगी सरकार ने एनपीए खातों में बकाया कर्ज माफ करने का निश्चय किया है। सरकार के इस फैसले से जिले के 28,789 किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। सबसे अधिक एनपीए खाते जिला सहकारी बैंक में हैं। बैंक अधिकारियों की मानें तो जिला सहकारी बैंक में ही लगभग 18,000 खाते हैं। एनपीए खातों का कर्ज माफ करने से किसानों को कितनी धनराशि का फायदा होगा, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। शासन ने भी अभी साफ नहीं किया है कि एनपीए खातों का पूरा कर्जा माफ होगा या सिर्फ एक लाख ही माफ होगा। इससे अधिकारी भी अभी संशय में है। फिलहाल 31 मार्च 2016 तक के एनपीए खातों का विवरण सभी बैंकों शाखाओं से मांगा गया है।
योगी सरकार एनपीए खातों का पूरा कर्जा माफ कर देती है, तो यह किसानों के लिए बहुत बड़ी राहत होगी। दरअसल, जिस किसान का खाता एनपीए हो जाता है, उसे बैंक ऋण नहीं देते हैं। बैंक से ऋण नहीं मिलने के कारण किसान साहूकारों के चंगुल में फंस जाता है, और फिर वह कभी कर्ज से मुक्त नहीं हो पाता है। अगर एनपीए खातों के कर्ज की योगी सरकार भरपाई कर देती है तो किसानों को कर्ज लेने के लिए एक बार फिर बैंकों के दरवाजे खुल जाएंगे।
एनपीए खातों के लिए फंसेगा आधार का पेच
एनपीए खातों का कर्जा माफ करने की घोषणा सरकार ने तो कर दी है, मगर शासन बगैर आधार कार्ड नंबर के कोई कर्ज माफ करने को तैयार नहीं है। 31 मार्च 2015 के खातों में किसी भी किसान का आधार नहीं लगा हुआ है। ऐसे में कर्जमाफी में पेच फंस सकता है।
दोहरा लाभ लेने से वंचित हो सकते हैं किसान
बैंकों से ऋण लेने वाले अधिकांश किसान ऐेसे हैं, जिन्होंने कई बैंकों से ऋण लिया है। कुछ किसान ऐसे भी हैं जो एक लाख कर्जमाफी का भी लाभ ले रहे हैं और दूसरी शाखा में एनपीए खातों के ऋणमाफी का लाभ उठाने का प्रयास करेंगे। मगर शासन एक किसान को एक ही लाभ देेना चाह रहा है। ऐसे में कुछ एनपीए खातों का कर्ज माफ करना मुश्किल साबित हो सकता है।