अस्सी हजार रुपये के कर्ज में डूबे गल्ला व्यापारी ने फांसी लगाकर जान दे दी। शिकायत पर दो आरोपी सूदखोरों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों ने कर्ज नहीं चुकाने पर व्यापारी का जबरन खेत जोतने की धमकी दी थी। पुलिस केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश कर रही है।
उदयपुर थाना क्षेत्र के कुंभीआइमा निवासी दुर्गा प्रसाद मौर्य (53) गल्ला व्यापारी थे। बताया जाता है कि व्यवसाय के सिलसिले में व्यापारी ने गांव के मकबूल व रतिपाल से क्रमश: 30 हजार व 50 हजार रुपये ब्याज पर कर्ज ले रखा था।
आरोप है कि सूदखोर कर्ज चुकाने के लिए व्यापारी पर आए दिन दबाव बनाते थे। दोनों सूदखोरों ने दो दिन के भीतर कर्ज नहीं चुकता करने पर व्यापारी का खेत जबरन जोतने की धमकी दी थी।
शुक्रवार की रात खाना खाकर व्यापारी दुर्गा प्रसाद सोने चला गया। सुबह उसका शव घर के बाहर पेड़ पर फांसी के फंदे पर झूलता मिला तो लोग दंग रह गए।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को फांसी के फंदे से नीचे उतारकर जिला अस्पताल भेजा। परिजनों ने आरोप लगाया कि सूदखोर आए दिन कर्ज चुकाने का दबाव बनाते थे।
आरोपियों ने कर्ज नहीं चुकाने पर खेत जोतने की धमकी दी थी। इसका दुर्गा प्रसाद ने परिजनों से जिक्र किया था। इस धमकी से परेशान होकर कर्ज के दबाव में व्यापारी ने आत्महत्या कर ली। मामले में दुर्गा प्रसाद के पुत्र उमाचंद्र मौर्य की तहरीर पर गांव के ही सूदखोर मकबूल व रतिपाल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है।
केस दर्ज होने के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। सीओ लालगंज रामसूरत सोनकर ने बताया कि पूछताछ में मृतक के कर्ज लेने की बात सामने आई है। केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।