गांव में शव पहुंचने पर रोते-बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला।
चार मौतों से परिवार पर वज्रपात, गांव में पसरा मातम
पूरे महाबल का पुरवा दर्रा निवासी मनोज सिंह अपने परिवार के साथ गुजरात के सूरत शहर में सब्जी बेचकर परिवार का गुजर बसर करता था। बड़ा भाई रमेश सूरत में टेंपो चलाता है। जबकि प्रमोद, नीरज व धीरज कर्नाटक में प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। भाई प्रमोद की शादी में शामिल होने आया मनोज व उसकी पत्नी और बच्चों के मौत की खबर पहुंचते ही गांव में कोहराम मच गया। हर कोई मृतक के घर की ओर भागा।
जानकारी होने पर पिता लल्लन सिंह व मां शकुंतला समेत परिवार के लोगों पर जैसे वज्रपात हो गया। हर कोई पहले तो यकीन ही नहीं कर रहा था। परिजनों को भरोसा नहीं हो रहा था कि जो मनोज अपने परिवार के साथ हंसते हुए ससुराल जाने की बात कहकर निकला था। वह अब इस दुनिया में नहीं है। पिता लल्लन व मां शकुंतला को जानकारी हुई तो उन्हें भी यकीन नहीं हुआ। रोते हुए माता पिता बेहोश हो जाते रहे। देर शाम एक साथ शव पहुंचते ही परिजनों के श्चित्कार से हर किसी की आंखें नम हो गईं।
एक साथ चार परिजनों की मौत पर रोते बिलखते लोग।
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खौफनाक मंजर देख सहम जा रहे थे राहगीर
नगर कोतवाली के पृथ्वीगंज के करीब हुए हादसे में सब्जी विक्रेता मनोज सिंह, उसकी पत्नी सीमा, बेटे शिवम व बेटी सपना की दर्दनाक मौत हो गई। करीब 50 मीटर तक शवाहनों के टुकड़े और शिवम का एक पैर समेत शरीर के कुछ अंश देख राहगीर भी सहम जा रहे थे। वाहनों की दशा हादसे की भयावहता बता रही थी।
चारों शवों का एक ही चिता पर किया गया अंतिम संस्कार।
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सोमवार को सूरत जाने की थी तैयारी
मनोज भाई की शादी के बाद रिश्तेदारों से मिल जुल रहा था। वह अपने परिवार के साथ सोमवार को सूरत जाने के लिए तैयारी कर चुका था लेकिन होनी को शायद कुछ और ही मंजूर था। ससुराल में सभी से मिलने की आस लिए वे जामताली जा रहे थे लेकिन हादसे ने परिवार व रिश्तेदारों से मनोज के कुनबे को सदा के लिए दूर कर दिया।