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प्रतापगढ़ : कोहराम के बीच एक ही चिता पर चारों शव का अंतिम संस्कार हुआ, दंपती और उनके बेटे-बेटी की हो गई थी मौत

Sun, 28 May 2023 03:41 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़

सार

रविवार को चारों शवों के गांव पहुंचने पर कोहराम मचा रहा। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। रिश्तेदार और ग्रामीण परिवार के लोगों को संभालने में लगे रहे। दोपहर बाद शवों का अंतिम संस्कार किया गया।
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एक ही चिता पर हुआ दंपती और उनके दो बच्चों का अंतिम संस्कार। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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उदयपुर थाना क्षेत्र के पूरे महाबल का पुरवा में दंपती उनके बेटे-बेटी समेत चार लोगों की मौत से गांव में मातम छा गया है। घटना के चलते गांव में शनिवार की रात चूल्हे नहीं जले। घटना से चलते पूरे इलाके में शोक की लहर रही। रविवार को चारों शवों के गांव पहुंचने पर कोहराम मचा रहा। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल रहा। रिश्तेदार और ग्रामीण परिवार के लोगों को संभालने में लगे रहे। दोपहर बाद शवों का अंतिम संस्कार किया गया।

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गांव निवासी मनोज कुमार सिंह (40) सूरत में रहकर सब्जी बेचता था। पांच मई को भाई प्रमोद की शादी में शामिल होने के लिए वह परिवार के साथ सूरत से घर आया था। शनिवार की सुबह पत्नी सीमा (38), बेटी सपना (8) और बेटे शिवम (5) के साथ बाइक से ससुराल जामताली की ओर जा रहा था। 

 

लखनऊ- वाराणसी राजमार्ग पर नगर कोतवाली के पृथ्वीगंज बाजार के करीब रानीगंज की ओर से आ रही बेकाबू कार ने सामने बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। जिससे बाइक सवार दंपती समेत बेटे व बेटी हवा में उछले और करीब 50 मीटर तक घसीटते चले। इस दौरान शिवम का एक पैर कटकर दूर जा गिरा। घटनास्थल पर ही मनोज व शिवम की मौत हो गई थी।

गांव में शव पहुंचने पर रोते-बिलखते परिजन। - फोटो : अमर उजाला।

चार मौतों से परिवार पर वज्रपात, गांव में पसरा मातम
पूरे महाबल का पुरवा दर्रा निवासी मनोज सिंह अपने परिवार के साथ गुजरात के सूरत शहर में सब्जी बेचकर परिवार का गुजर बसर करता था। बड़ा भाई रमेश सूरत में टेंपो चलाता है। जबकि प्रमोद, नीरज व धीरज कर्नाटक में प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। भाई प्रमोद की शादी में शामिल होने आया मनोज व उसकी पत्नी और बच्चों के मौत की खबर पहुंचते ही गांव में कोहराम मच गया। हर कोई मृतक के घर की ओर भागा।

जानकारी होने पर पिता लल्लन सिंह व मां शकुंतला समेत परिवार के लोगों पर जैसे वज्रपात हो गया। हर कोई पहले तो यकीन ही नहीं कर रहा था। परिजनों को भरोसा नहीं हो रहा था कि जो मनोज अपने परिवार के साथ हंसते हुए ससुराल जाने की बात कहकर निकला था। वह अब इस दुनिया में नहीं है। पिता लल्लन व मां शकुंतला को जानकारी हुई तो उन्हें भी यकीन नहीं हुआ। रोते हुए माता पिता बेहोश हो जाते रहे। देर शाम एक साथ शव पहुंचते ही परिजनों के श्चित्कार से हर किसी की आंखें नम हो गईं।

एक साथ चार परिजनों की मौत पर रोते बिलखते लोग। - फोटो : अमर उजाला।

खौफनाक मंजर देख सहम जा रहे थे राहगीर
नगर कोतवाली के पृथ्वीगंज के करीब हुए हादसे में सब्जी विक्रेता मनोज सिंह, उसकी पत्नी सीमा, बेटे शिवम व बेटी सपना की दर्दनाक मौत हो गई। करीब 50 मीटर तक शवाहनों के टुकड़े और शिवम का एक पैर समेत शरीर के कुछ अंश देख राहगीर भी सहम जा रहे थे। वाहनों की दशा हादसे की भयावहता बता रही थी।

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चारों शवों का एक ही चिता पर किया गया अंतिम संस्कार। - फोटो : अमर उजाला।
सोमवार को सूरत जाने की थी तैयारी
मनोज भाई की शादी के बाद रिश्तेदारों से मिल जुल रहा था। वह अपने परिवार के साथ सोमवार को सूरत जाने के लिए तैयारी कर चुका था लेकिन होनी को शायद कुछ और ही मंजूर था। ससुराल में सभी से मिलने की आस लिए वे जामताली जा रहे थे लेकिन हादसे ने परिवार व रिश्तेदारों से मनोज के कुनबे को सदा के लिए दूर कर दिया।
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