भोर में प्रभावती आरती को बिस्तर पर न देख छोटी बेटी के साथ उसकी खोजबीन करने लगी। कुछ देर बाद आरती का शव मुकेश वर्मा के खेत में मिलने की जानकारी मिली तो उनके पैरों तले जमीन की खिसक गई। बदहवास मां व बहन रोते बिलखते घटनास्थल पर पहुंचीं। सूचना पर पहुंची लालगंज पुलिस छानबीन करने में जुट गई। पुलिस के सामने परिजनों संग ग्रामीणों ने नाराजगी भी जताई। मृतका की मां प्रभावती की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। मौके पर पहुंचे एएसी पश्चिमी रोहित मिश्रा ने बताया कि घटना का खुलासा करने के लिए दो टीमें गठित की गईं हैं।
प्रेम प्रसंग पर टिकी पुलिस की जांच, एक घंटे में दस बार आई थी काल
मायके में विवाहिता की पिटाई के बाद गला दबाकर हत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार घटना प्रेम प्रसंग से जोड़कर देखी जा रही है। पुलिस मृतका के मोबाइल को कब्जे में लेने के बाद काल डिटेल के जरिए हत्या की तह तक जाने के लिए छानबीन तेज कर दिया है। परिजनों व गांव के लोगों से हुई पूछताछ में घटना की वजह प्रेम प्रसंग निकलकर आ रही है। एक घंटे में आरती के मोबाइल पर दस बार काल आई है। कभी वह कॉल रिसीव करने के बाद कट कर दे रही थी तो कभी साइलेंट कर देती थी। कभी धीरे से जवाब भी देती थी।
फोन आने पर खेत के लिए निकली तो मां भी साथ गई
पुलिस के अनुसार परिजनों से पूछताछ के दौरान यह पता चला कि आधी रात को आरती के मोबाइल पर फोन आया। बात करने के बाद वह शौच के लिए बाहर जाने की बात मां से कही। पहले तो मां व बहन उसे बाहर जाने से रोक दिया। मगर वह जब नहीं मानी तो मां साथ निकली। कुछ देर बाद प्रभावती बेटी आरती के साथ घर लौटी। वापस आने पर फिर से आरती के मोबाइल पर किसी का फोन आने लगा।
हालांकि वह मां के कमरे में लेट गई। इस बीच मां व बहन के सोते ही वह चुपके से फिर बाहर चली गई। सुबह उसका शव ही मिला। यदि वह मां व बहन की बात मान ली होती तो शायद उसकी जान बच जाती। पूछताछ में यह भी पता चला कि आरती के मोबाइल पर लगातार किसी का फोन आ रहा था। परिजनों से रंजिश को लेकर भी पुलिस जानकारी लेती रही। पुलिस ने मृतका के मोबाइल नंबर की सीडीआर मंगाई है। पुलिस को भरोसा है कि जिसने आरती को रात में फोन किया है। वह ही घटना का सूत्रधार है। उसके हत्थे चढ़ते ही घटना खुल जाएगी।
मरने से पहले आरती ने हत्यारों से किया था संघर्ष
आरती को जहां मौत के घाट उतारा गया था, वहां के हालात देखकर साफ समझा जा सकता है कि मरने से पहले उसने हत्यारों के साथ काफी संघर्ष किया था। मौके पर पुलिस को एक डंडा व नायलान की रस्सी मिली। घटना स्थल पर काफी दूर तक घास भी उखड़ी हुई थी। आरती की सारी चूड़ियां टूटकर इधर उधर बिखरी मिलीं। जिंदगी बचाने के लिए जद्दोजहद करते-करते आरती हत्यारों से हार गई। जिसके बाद हत्यारों ने रस्सी से उसका गला कसकर मौत के घाट उतार दिया।