अरहर की कीमतों पर तो हल्ला मचा ही है, मूल्यों में बेहिसाब वृद्धि के चलते चना, मसूर और उरद की दाल भी आम लोगों की थाली से गायब हो गई है। चना, मटर और उरद के दामों में इजाफा होता जा रहा है। साठ रुपये किलो बिकने वाला खड़ा चना अब बाजार में 110 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। इधर बरसात आते ही सब्जियों की कीमतों में भी आग लग गई है। जिले में अरहर के दामों में लगातार इजाफा होता जा रहा है। बीते माह 110 रुपये में बिकने वाली अरहर की दाल वर्तमान में 145 रुपये किलो बिक रही है।
जबकि खड़ा चना जो दो माह पहले साठ रुपये किलो बिक रहा था, अब वह 110 रुपये में बिक रहा है। जबकि चने की दाल 130 रुपये किलो बिक रही है। आम तौर पर उपेक्षित मानी जाने वाली उरद और मटर की दाल की डिमांड सामान्य परिवारों में बढ़ गई है। मध्यम वर्गीय परिवार अरहर की दाल खरीदने में असमर्थ होने के कारण मटर और उरद की दाल खरीदने पर ही अधिक जोर दे रहे हैं। इधर, बारिश होने के कारण सब्जियों के दामों में भी बेहिसाब वृद्धि हुई है। बरसात में पत्तेदार सब्जी से बचने के लिए लोग आलू का अधिक प्रयोग कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले तक दस रुपये प्रति किलो बिकने वाला आलू वर्तमान में 20 रुपये किलो बिक रही है। भिंडी, कद्दू जहां चालीस रुपये प्रति किलो बिक रही है, वहीं टमाटर, परवल साठ रुपये पर पहुंच गया है।