सड़क हादसे में सदर ब्लाक में तैनात वीडीओ व राज्य कर्मचारी महासंघ के उपाध्यक्ष की मौत के बाद इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोशित लोगों ने जमकर बवाल काटा। इमरजेंसी में सिपाही के साथ धक्कामुक्की की गई। तोड़फोड़ के दौरान पहुंचे प्रभारी सीएमएस के साथ लोगों ने मारपीट की। घटना की जानकारी मिलने पर सीओ सिटी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। आक्रोशित लोग अस्पताल में डीएम व सीएमओ को बुलाने के साथ ही इमरजेंसी से ड्यूटी छोड़कर गायब डाक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जिद पर अड़े रहे। खबर भेजे जाने तक शव के साथ लोग इमरजेंसी में धरने पर बैठे रहे। अपर जिलाधिकारी , सीएमओ और एसडीएम सदर अस्पताल पहुंचे। बातचीत के दौरान उग्र भीड़ से एडीएम व एसडीएम की तीखी झड़प होने लगी। यह देख पुलिसकर्मियों ने बवाल कर रहे लोगों पर लाठियां भांजी और शव को कब्जे में लिया।
नगर कोतवाली के सुखपालनगर निवासी राजकुमार पांडेय (50) सदर ब्लाक में ग्राम विकास अधिकारी के पद पर तैनात थे। वह राज्य कर्मचारी महासंघ के जिला उपाध्यक्ष भी थे। शुक्रवार की शाम करीब सवा सात बजे वह बाजार की ओर से बाइक लेकर घर लौट रहे थे। औद्यागिक अस्थान सुखपालनगर के करीब अचानक बाइक के सामने सियार आ गया। जिससे बचने के प्रयास में बाइक बेकाबू होकर पलट गई। सिर के बल गिरने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर परिजनों के साथ गांव के लोग आनन-फानन में उपचार के लिए लेकर जिला अस्पताल भागे। परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी में इलाज करने के लिए डाक्टर मौजूद नहीं थे। जिससे समय पर उनका उपचार नहीं हो सका और उनकी सांसें थम गईं। इससे आक्रोशित लोगों ने हंगामा करना शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें अस्पताल चौकी का सिपाही अनिल पहुंचा तो डाक्टर बुलाने की बात कहते हुए उसके साथ धक्कामुक्की की गई। इमरजेंसी में तोड़फोड़ के दौरान लोग डाक्टर की तलाश करने लगे। इस बीच प्रभारी सीएमएस डा. पीपी पांडेय इमरजेंसी पहुंचे तो उनके साथ कुछ लोगों ने मारपीट की। हालांकि कुछ लोगों के हस्तक्षेप पर भीड़ के चंगुल से वह बच सके। अस्पताल में बवाल की खबर पर भारी फोर्स के साथ सीओ सिटी राम आशीष यादव अस्पताल में पहुंचे। परिवार के लोगों के साथ ही वहां मौजूद लोग डाक्टरों पर इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताने लगे। लोग मौके पर डीएम व सीएमओ को बुलाने की जिद करने लगे। इमरजेंसी से गायब डाक्टर व स्वास्थ्यकर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। काफी प्रयास के बाद भी आक्रोशित लोग कुछ सुनने को तैयार नहीं थे। लोगों में इस बात का गुस्सा था कि इतना सबकुछ होने के बाद भी सीएमओ व सीएमएस अस्पताल नहीं आए। अस्पताल पहुंचे एसडीएम सदर पंकज वर्मा भी पहुंच गए लेकिन उनकी बात भी सुनने के लिए कोई राजी नहीं था। जानकारी के बाद राज्यकर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष करुणेश प्रताप सिंह उर्फ मुन्ना सिंह, उमेश द्विवेदी, सुनील प्रभाकर, शमा समेत बड़ी संख्या में कर्मचारी पहुंच गए। बाद में अपर जिलाधिकारी अस्पताल सीएमओ को लेकर पहुंचे। इसके बाद भी लोगों का उग्र रवैया बरकरार रहा। एडीएम व एसडीएम से भी लोगों ने झड़प करते हुए मारपीट पर अमादा होने लगे। यह देख पुलिसकर्मियों का धैर्य जवाब दे गया। बवाल कर रहे लोगों पर लाठी भांजकर खदेड़ा। इसके बाद शव को कब्जे में लेकर मर्चरी भेजा। इससे अस्पताल में अफरा-तफरी मचा रहा।