जिले में स्वास्थ्य सुविधा देने के नाम पर लूट मची हुई है। एक भवन में तीन-तीन अस्पताल चल रहे हैं, जबकि लाइसेंस सिर्फ एक अस्पताल के नाम पर है। ताज्जुब तो इस बात का है कि यह लाइसेंस भी किसके नाम पर है, इसके बारे में सीएमओ को खुद भी नहीं पता है।
शहर के अजीत नगर राम जानकी मंदिर के बगल तीन मंजिला भवन है। सबसे नीचे बेसमेंट बना हुआ है। इस भवन में तीन नाम से अस्पताल संचालित हो रहे हैं। सीएमओ के रहमो करम पर तीन अस्पतालों का संचालन हो रहा है। इन तीनों अस्पतालों में जाने का एक ही रास्ता है।
इनमें किस अस्पताल का लाइसेंस सीएमओ ने जारी किया है इसके बारे में उन्हें खुद ही नहीं पता है। मगर शिकायत के बाद भी सीएमओ इनके खिलाफ कार्रवाई नहीं करते हैं। जबकि बगैर डॉक्टर और नर्स के अस्पताल का संचालन हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग भी मरीजों के जान के साथ खिलवाड़ कर रहा है।
न्यू जीवन ज्योति अस्पताल का पंजीयन हुआ है। दूसरे अस्पतालों के बारे में जानकारी नही है। टीम गठित करके इसकी जांच कराई जाएगी। अवैध तरीके से अस्पताल का संचालन करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
एके श्रीवास्तव, सीएमओ।