प्रतापगढ़/रानीगंज/ जेठवारा। बेमौसम बारिश और आंधी से बर्बाद हुई गेहूं की फसल के सदमे से तीन और किसानों ने दम तोड़ दिया। मरने वालों में जेठवारा, रानीगंज और सांगीपुर क्षेत्र के एक-एक किसान शामिल हैं।
रानीगंज थाना क्षेत्र के देवगढ़ कमासिन निवासी छोटेलाल यादव (48) ने दो बीघा खेत में गेहूं की बुवाई की थी। परिजनों की मानें तो शुक्रवार को मड़ाई की गई। इस दौरान उसे कुल दो बोरी ही गेहूं मिला। इसकी जानकारी होने पर छोटेलाल गश खाकर गिर पड़ा। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। सूचना मिलते ही हल्का लेखपाल मौके पर पहुंच गया। इसी तरह जेठवारा थाना के गोसाईपुर निवासी अल्लाहदीन (60) ने पांच बीघा खेत में गेहूं की बुवाई की थी।
शुक्रवार की दोपहर में परिजन मड़ाई कर रहे थे। उस समय वह फसल के पास बैठा था। जैसे ही थ्रेसर बंद हुआ कि अल्लाहदीन के सीने में दर्द उठने लगा। उसे बेचैनी होने लगी और वह अपशब्द कहने लगा। परिजन उसे लेकर अस्पताल की ओर भागे। रास्ते में उसकी मौत हो गई। अल्लाहदीन के तीन बेटे हैं। तीनों का रो-रो कर बुरा हाल है। सूचना पर हलका लेखपाल मौके पर पहुंचा।
इसी तरह सांगीपुर थाना क्षेत्र के गोकुला कोठा नेवडिया निवासी राजेश कुमार वर्मा (45) ने तीन बीघा जमीन बंटाई पर लेकर खेती की थी। ढाई बीघे अपने खेत में भी गेहूं की बुवाई की थी। बृहस्पतिवार की रात उसने मड़ाई कराई थी। गेहूं के दाने काफी पतले और काले थे। कुल पांच बोरी ही अनाज मिला। इससे वह सदमें में आ गया। परिजनों ने स्थानीय डॉक्टर से उसे दवा दिलवाई। हालत नाजुक होने पर जिला अस्पताल लाया गया। इलाज के दौरान राजेश की मौत हो गई। परिजन इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौत की खबर घर पहुंचते ही कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम हाउस में एसडीएम सदर व हल्का लेखपाल ने पहुंचकर जानकारी ली।