प्रतापगढ़। मंदिर, मस्जिद परिसर व सड़क से 50 मीटर के अंदर बालू, गिट्टी या अन्य कोई सामान का भण्डारण करने वालों की अब खैर नहीं है। ऐसा करना खनन नियमावली के खिलाफ है। यदि कहीं ऐसी समस्या है तो लोग इसकी शिकायत एडीएम अथवा खनन विभाग के अधिकारियों से कर सकते हैं। शिकायतों पर फौरन कार्रवाई होगी।
खनन नियमावली को और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है। तहसीलों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि अवैध खनन या भण्डारण पर सख्त कार्रवाई की जाए। मंदिर, मस्जिद परिसर व सड़क से 50 मीटर के अंदर जहां भी बालू, गिट्टी, सरिया जैसे सामानों का भण्डारण किया गया है उसको चिह्नित कर रिपोर्ट तैयार करें। पूरे जिले में एक साथ कार्रवाई के लिए अभियान शुरू होगा। जानकारी के लिए अधिकारी लोगों से भी मदद ले सकते हैं। ऐसे स्थलों पर जहां सामग्रियों का भण्डारण है लोग उसकी शिकायत एडीएम या फिर कलक्ट्रेट स्थित खनन विभाग के अधिकारियों से कर सकते हैं। बगैर लाइसेंस भण्डारण करने वालों पर भी नजर रखने का निर्देश एसडीएम और तहसीलदारों को दिया गया है।
प्रशासन की पड़ताल या लोगों की शिकायत पर खनन नियम के विपरीत भण्डारित सामग्रियों को प्रशासन जब्त करके नीलाम कर सकता है। इसमें अर्थदण्ड का भी प्राविधान है। इससे सरकार को राजस्व का लाभ तो होगा ही खनन नियम का अनुपालन और मंदिर, मस्जिद व सड़क से 50 मीटर के अंदर किए जाने वाले भंडारण पर रोक भी लगेगी।
खनन नियमों के मुताबिक सरिया, गिट्टी, बालू आदि का भंडारण करने के लिए एडीएम के यहां से लाइसेंस बनवाना पड़ता है। लाइसेंस के लिए आवेदनकर्ता को पांच हजार रुपये खनन विभाग में जमा करना होता है। आवेदन में जिस जमीन पर भण्डारण किया जाना है उसकी खतौनी लगानी पड़ेगी। भण्डारण की जगह विवादित जमीन, मंदिर, मस्जिद व सड़क से 50 मीटर के अंदर न होने की रिपोर्ट तहसील कर्मी देंगे। इसके बाद एडीएम के जरिए भण्डारण का लाइसेंस जारी किया जाएगा।
खनन नियमों को प्रभावी बनाने के लिए पत्र तहसीलों में भेजे गए हैं। पता चला है कि कुछ लोग बगैर लाइसेंस के भण्डारण किए हुए हैं। जिससे लोगों को दिक्कत हो रही है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद एक साथ सभी के खिलाफ अभियान चला कर कार्रवाई की जाएगी।
पुनीत शुक्ल, एडीएम