खुटार क्षेत्र के गांव टाह खुर्द कलां स्थित राजकीय गोसदन में एक पखवाड़े में लगभग 20 गायों की मौत हो चुकी है। बैंक में गोसदन की एक करोड़ से भी अधिक की राशि जमा होने के बाद भी गायें ठंड और भूख से मर रही हैं।
खुटार की रानी ताजकुंवर की ओर से दान दी गई 383 एकड़ भूमि पर गोसदन बना है। जिलाधिकारी गोसदन की अध्यक्ष हैं। कई प्रशासनिक अधिकारी भी समिति में शामिल हैं। गोसदन की कुछ भूमि वन विभाग के पास है, शेष जमीन प्रशासन हर वर्ष ठेके पर देता है। ठेके पर दी गई जमीन से गोसदन के बैंक खाते में एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है, लेकिन करोड़ों की मालकिन गायें ठंड और भूख से मर रही हैं। एक पखवाड़ा पूर्व यहां 104 गायें थीं, लेकिन शुक्रवार को इनकी संख्या घटकर 90 रह गई।
कुल मिलाकर गोसदन गायों के लिए नरक जैसा बनकर रह गया है। गायों को न तो समय पर चारा-पानी मिल पाता है और न ही बीमार गायों का समय से और उचित इलाज ही हो पा रहा है, जबकि गोसदन से जुड़े कुछ लोग तो लाखों की संपत्ति के मालिक भी बन बैठे हैं। नियमों के तहत गोसदन का चार्ज खुटार पशु अस्पताल के प्रभारी के पास होना चाहिए, लेकिन वर्षों से चार्ज पुवायां के पशु अस्पताल प्रभारी के पास है। इस संबंध में मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. इंद्रमणि चौधरी से पक्ष लेने का प्रयास किया गया तो उन्होंने फोन ही रिसीव नहीं किया।
एक हैंडपंप से पानी पीती हैं 90 गायें
गोसदन में 90 गायों को पानी पिलाने के लिए मात्र एक हैंडपंप लगा हुआ है। ऐसे में गायों की प्यास किस तरह बुझती होगी, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। इसके अलावा सूखे भूसे को डालकर गायों की भूख मिटाने का नाटक कर दिया जाता है। सुबह गायें चरने को जाती हैं, लेकिन चारागाह पर अवैध कब्जे के चलते पशुओं के चरने की समस्या भी आ जाती है।
सीवीओ उदासीन
बृहस्पतिवार को मैं शाहजहांपुर गया था। सीवीओ से मुलाकात नहीं हो सकी। सीवीओ गोसदन के प्रति पूरी तरह उदासीन हैं। तय समय पर बैठक भी नहीं बुलाई गई।
- मनोज त्रिवेदी (ब्लाक प्रमुख खुटार) सदस्य गोसदन
एक पखवाड़े में चार से पांच गाय मरने की जानकारी है। 14 गायें मरने की जानकारी नहीं है। गोसदन के उप प्रबंधक से जानकारी की जाएगी। गोसदन की ओर पूरा ध्यान दिया जा रहा है।
- डॉ. एसके अग्रवाल, प्रबंधक गोसदन, सिमरा वीरान खुटार