उपजिलाधिकारी पट्टी के रवैये से नाराज एक किसान मंगलवार को कलेक्ट्रेट में शरीर पर तेल उड़ेल हाथ में माचिस लेकर वह डीएम के चैंबर की ओर दौड़ने लगा। यह देख वहां मौजूद वकीलोेें ने उसके हाथ से माचिस छीन ली। मौके पर पहुंचे एडीएम और सीओ सिटी ने समझा बुझाकर उसे घर भेजा और एसडीएम तथा बीडीओ से वार्ता कर मामले का निस्तारण कराने का वादा किया।
आसपुर देवसरा विकासखंड के चौकिया गांव निवासी मुख्तार गुप्ता डीएम कार्यालय की पोर्टिको में करीब दो बजे पहुंचा। उस समय जिलाधिकारी कार्यालय में कोई मौजूद नहीं था। उसने अपने हाथ में केरोसिन तेल का डिब्बा ले रखा था। पोर्टिको के निकट पहुंचकर मिट्टी का तेल अपने ऊपर उड़ेल लिया। हाथ में माचिस लेकर वह डीएम कार्यालय की ओर भागा। वहां मौजूद अधिवक्ताओं ने उसके हाथ से माचिस छीन ली। शोरशराबा सुनकर एडीएम पुनीत शुक्ला बाहर निकले और उसकी बात सुनने के बाद एसडीएम से बात की।
केरोसिन से भीगा कपड़ा उतरवाकर उसे कंबल दिया। मुख्तार का आरोप है कि सोमवार को एसडीएम ने उसके घर जाने के लिए निर्माणाधीन रास्ते का कार्य बंद करा दिया। वह मामले की जानकारी करने एसडीएम पट्टी कार्यालय पहुंचा। उसकी बात सुनने के बजाय उपजिलाधिकारी ने अभद्रता करते हुए भगा दिया। सीओ सिटी एमपी सलोनिया ने उसकी समस्या का निस्तारण कराने की बात कही। इसके बाद उसे सिपाहियों के साथ घर भेजवाया। तब जाकर कलेक्ट्रेट का माहौल सामान्य हुआ।
आसपुर देवसरा विकासखंड के चौकिया गांव निवासी मुख्तार की पीड़ा जायज है। अपनी समस्या के निराकरण के लिए वह प्रधानमंत्री को शिकायती पत्र भेजने के साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी जनता दर्शन में दुखड़ा सुना चुका है लेकिन आज तक उसे इंसाफ नहीं मिला। पट्टी तहसील के चौकिया निवासी मुख्तार की मानें तो तीन बरस पहले उसने 16 क्विंटल धान क्रय केंद्र पर बेचा था। उसका भुगतान आज तक नहीं हो सका।
इससे उसे परिवार के गुजर बसर में दिक्कत आ रही है। वह फरियाद पर फरियाद करता रहा लेकिन कोई उसकी समस्या का समाधान नहीं कर सका। जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर इंसाफ मांगने के लिए आत्मदाह करने पहुंचा मुख्तार अपनी जान देने के साथ ही डीएम कार्यालय को भी आग के हवाले करने की ठान चुका था। मौके पर मौजूद लोगों की मानें तो वह केरोसिन डालने के बाद माचिस लेकर सीधे डीएम कार्यालय के भीतर की ओर भागा। उस समय कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी भी वहां से गायब थे। यदि वह खुद को आग लगा लेता तो कार्यालय भी आग की चपेट में आ जाता।
उध्ार, एसडीएम उमाश्ांकर ने बताया कि मुख्तार का आरोप निराधार है। एडीएम के आदेश पर उसके घर तक जाने के लिए रास्ते का निर्माण कराया जा रहा है। पड़ोसी से विवाद के चलते वह उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग करता है। आत्मदाह की धमकी देकर वह प्रशासन को ब्लैकमेल करना चाहता है।