जिला कारागार में सजायाफ्ता कैदी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। इससे जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। मृत कैदी के चेहरे पर चोट के निशान भी मिले हैं। सूचना मिलने पर घर में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मानिकपुर थाना क्षेत्र के सहजनी निवासी हरिभुवन सिंह (68) को चोरी समेत अन्य आरोपों में न्यायालय से एक वर्ष की सजा सुनाई गई थी। उसके अलावा चार अन्य लोगों को भी सजा मिली थी। 14 नवंबर 2014 को वह जेल भेजा गया।
जेल प्रशासन के मुताबिक हरिभुवन सिंह अस्थमा से पीड़िता था। उसे व उसके भाई चंद्रभान सिंह को अस्पताल की बैरक में रखा गया था। सोमवार की सुबह हरिभुवन की तबियत बिगड़ गई। उसे जिला अस्पताल लाया गया। वहां डॉ. आरडी द्विवेदी ने इलाज किया। उसकी हालत ठीक बताकर उसे जेल ले जाने की सलाह दी। दोपहर में अचानक उसकी तबियत फिर खराब हो गई और वह गिर गया। यह देख बंदीरक्षक आनन-फानन में उसे लेकर जिला अस्पताल आए। यहां इमरजेंसी में मौजूद चिकित्सक आशुतोष सिंह ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह सुनते ही जेल में हड़कंप मच गया। कैदी के मौत की खबर उसके घर पहुंची तो वहां कोहराम मच गया। इधर सूचना मिलने पर मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में पंचायतनामा भरा गया और शव पुलिस ने पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हरिभुवन के चेहरे पर चोट के निशान मिले। दोनों पैरों में काफी सूजन भी थी। देखने से ऐसा लग रहा था कि उसके साथ कोई घटना हुई है। हालांकि जेल प्रशासन उसकी मौत बीमारी से होने का दावा कर रहा है।