प्रतापगढ़। स्कूल में नाम लिखवाने के बाद छात्र को पढ़ने के बजाए मजदूरी करवाने के आरोप में पुलिस ने शुक्रवार को एक व्यापारी को पकड़ने के बाद छोड़ दिया।
कोतवाली नगर के जीजीआईसी के पीछे शंकर दयाल रोड प्राइमरी विद्यालय में चंदन राय नामक छात्र का नाम कक्षा चार में दर्ज है। इसका दाखिला गत अक्तूबर 2014 में स्कूल के सामने रहने वाले व्यापारी गिरिराज ने कराया था। नाम लिखवाने से लेकर अब तक चंदन केवल तीन दिन ही विद्यालय गया। विद्यालय के शिक्षक मो.जफर चंदन के स्कूल न आने की वजह जानने के लिए गिरिराज के गोदाम पर पहुंचे।
पता चला कि चंदन उनके गोदाम में मजदूरी करता है। गिरिराज उसको पढ़ाने के बजाए मजदूरी करवा रहा है। मो.जफर ने शुक्रवार को इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी। आरोप लगाया कि गिरिराज चंदन से मजदूरी करवाता है। उनका यह कृत्य बाल श्रम कानून के अंतर्गत गैर कानूनी है। कोतवाली पुलिस आनन-फानन में गिरिराज के गोदाम में पहुंची और उसको पकड़कर कोतवाली ले गई। कुछ देर बाद पता नहीं क्या हुआ गिरिराज को छोड़ दिया गया। घटना की जानकारी होने पर व्यापारी भी कोतवाली पहुंच गए थे।
इस बारे में कोतवाल बलिराम मिश्र का कहना है कि गिरिराज की ससुराल बिहार प्रांत के जोगबनी में है। चंदन उनकी ससुराल का है। चंदन के माता-पिता की रजामंदी से वह चंदन को यहां ले आए हैं। वह उनके साथ घर में रहता है। पढ़ने के लिए उसका नाम शंकरदयाल रोड प्राइमरी में लिखवा दिया। कोतवाल ने बताया चंदन की मां से मोबाइल पर बात हुई। उसने कहा कि वह चंदन को अपनी मर्जी से भेजी है।
मजदूरी जैसी कोई बात नहीं है। उसने गिरिराज को छोड़ने की बात कही। कोतवाल के अनुसार मामला जबरदस्ती या बाल श्रम का नहीं बनता है। इसलिए गिरिराज को छोड़ दिया गया। प्राइमरी की हेडमास्टर साधना गौड़ का कहना है कि चंदन केवल तीन दिन स्कूल आया। चंदन के अलावा उसकी उम्र के कई और बच्चे हैं जिनका नाम स्कूल में लिखवाया गया है। मगर वे स्कूल नहीं आते हैं। आशंका है कि उनसे भी कहीं न कहीं मजदूरी कराई जा रही होगी।