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छह घंटे तक सड़क पर अराजकता और बवाल

Tue, 14 Aug 2018 11:46 PM IST
प्रतापगढ़ ब्यूरो
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news - फोटो : pratpgarh
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 सपा नेता की गोली मारकर हत्या करने के बाद बिहारगंज से लेकर गायघाट रोड तक 6 घंटे तक बवाल मचा रहा। लोग पूरी तरह अराजक हो गए थे। हत्या से गुस्साए लोग 6 स्थानों पर जाम लगाकर हाथों में लाठी-डंडे लेकर तांडव करते रहे। राहगीरों को पीटने के साथ ही पुलिसकर्मियों से भी गालीगलौज करते रहे। बिहारगंज में तो पंद्रह मिनट तक पुलिस व बवालियों के बीच गुरिल्ला युद्ध चला।
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अंतू थाना क्षेत्र के लोहंगपुर निवासी सपा नेता हरिश्चंद्र सिंह की गोली मारकर हत्या की खबर मिलने के बाद लोग सड़क पर उतर गए। जिला अस्पताल से लेकर बिहारगंज बाजार तक हंगामा व बवाल होता रहा। जिला अस्पताल के सामने गेट पर शव के साथ लोगों ने जाम लगाया। बिहारगंज बाजार से लेकर लोहंगपुर मोड़ तक 6 स्थानों पर आक्रोशित लोगों ने मेज, बेंच और हरा पेड़ काटकर गिराने के बाद जाम लगा दिया। पुलिस प्रशासन के खिलाफ लोग नारेबाजी करते रहे। इधर आक्रोशित लोगों ने गायघाट सई नदी पुल के पास जाम लगा दिया। जामस्थल से दूर पुलिस मुस्तैद रही। इस दौरान जाम लगाने वालों ने राहगीरों को भी पीट दिया। हर लिंक मार्ग पर लोगों ने जाम लगा रखा था। ताकि कोई न आ सके और न ही जा सके। गायघाट रोड पर जाम लगाने की खबर पर जेठवारा एसओ, गड़वारा चौकी प्रभारी और सिविल लाइन चौकी प्रभारी मौके पर पहुंचे। दो घंटे बाद लोगों को समझाबुझाकर जाम समाप्त कराया। बिहारगंज बाजार में जाम हटाने के लिए एसओ अंतू संजय यादव पुलिस बल के साथ पहुंचे। उन्होंने लाठी पटककर लोगों को तितर-बितर करने का प्रयास किया, लेकिन उनके इस कदम पर उग्र भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। जान बचाकर पुलिसकर्मी भागे और गलियों में छिप गए। करीब पंद्रह मिनट तक कभी पुलिस आगे लाठी लेकर बढ़ती और जो सामने मिल जाता उसे पीट देती। कभी गलियों से निकलकर बवाली बाहर आते और पुलिस पर पथराव करने लगते। पंद्रह मिनट बाद बाजार के लोग पुलिस के पक्ष में आ खड़े हुए। जिसके बाद बवालियों को वहां से भागकर लोहंगपुर मोड़ आना पड़ा। यहां भी कोतवाली पुलिस बवालियों के बीच फंस गई। अनहोनी की आशंका को देखते हुए गुस्साई भीड़ से करीब दो सौ मीटर दूर जाकर तमाशबीन बनी रही। पुलिस की मौजूदगी में राहगीरों के साथ मारपीट होती रही। पुलिसकर्मियों से भी लोग गालीगलौज करते रहे। हरा पेड़ काटकर सड़क पर गिरा दिए। शव पहुंचने के बाद लोग शांत हुए।

दो बार पहले भी हो चुका था जानलेवा हमला
लकड़ी ठेेकेदार व सपा नेता के ऊपर दो बार पहले भी जानलेवा हमला हो चुका था। बच्चों के विवाद से झगड़े की नींव पड़ी थी। अब पंचायत चुनाव और कोटे का विवाद भी गांव में पैदा हो गया था। नामजद आरोपियों की तलाश में पुलिस ने दबिश दी। घर में तोड़फोड़ करने के साथ ही महिलाओं को थाने उठा ले गई। इससे गांव में दहशत का माहौल है।
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अंतू थाना क्षेत्र के लोहंगपुर निवासी लकड़ी ठेकेदार व सपा नेता का सपा शासन में जलवा देखते ही बनता था। वह इलाके के प्रभावशाली लोगों में शुमार थे। उनके सामने किसी की दाल नहीं गलती थी। सपा के पूर्व विधायक नागेंद्र सिंह यादव मुन्ना के करीबी हरिश्चंद्र के बेटे से किसी बात को लेकर आममऊ ककरहा निवासी आसद अली उर्फ मुन्ना के बेटे से विवाद हो गया। जिसे लेकर बड़ों के बीच ठन गई। हरिशचंद्र के ऊपर वर्ष 2007 में लाठी-डंडे से हमला हुआ। इसके बाद वर्ष 2009 में जानलेवा हमला हुआ। गोली लगने के बाद भी वह बाल-बाल बच गए थे। दोनों मामलों में आसद अली उर्फ मुन्ना व उनके परिवार के लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ था। जो न्यायालय में ट्रायल पर पहुंच गया है। परिवार के लोगों का आरोप है कि आसद उर्फ मुन्ना सुलह के लिए बराबर धमकी देता रहता था। सोमवार को सपा नेता के बेटे चंदन सिंह की तहरीर पर पुलिस ने आसद अली, उसके भाई बबलू, बेटे महरोज निवासी आममऊ ककरहा और लोहंगपुर निवासी अवधेश मिश्रा व एक अज्ञात के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश में दबिश दी। कोई नहीं मिला तो पुलिस ने जमकर तोडफ़ोड़ की। आसद के घर से तीन महिलाओं व बच्चों को पुलिस अपने साथ उठा ले गई। ग्रामीणों की मानें तो अवधेश मिश्र से पंचायत चुनाव के साथ ही कोटे को लेकर नया विवाद हरिश्चंद्र से छिड़ा था।

बाल-बाल बचे एएसपी और सीओ सिटी
जिला अस्पताल में सपा नेता हरिश्चंद्र सिंह का शव कार में रखकर लोग घर की ओर जाने लगे। पुलिसकर्मी कार को रोकने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं था। तभी लोग कार धक्का लगाने लगे। बैक कार स्टार्ट करते समय एएसपी, सीओ सिटी बाल-बाल बच गए।

बाइक से शव लेकर जाने लगे परिजन, वाहनों का प्रवेश रोका
जिला अस्पताल गेट पर हरिश्चंद्र के शव को लेकर लोगों ने जाम लगाने का प्रयास किया। मरीज व उनके तीमारदारों से लोगों का विवाद भी होता रहा। कुछ लोग जाम हटाने के लिए कह रहे थे तो कुछ जाम लगाने के लिए। इस दौरान परिवार के लोग बाइक से शव लेकर घर जाने की जिद करने लगे। सीओ सिटी अंजनी राय और एएसपी पूर्णेंदु सिंह ने लोगों को समझाबुझाकर शांत कराया। पूर्व विधायक मुन्ना यादव के समझाने के बाद लोग शव को मर्चरी लेकर पहुंचे। इस दौरान जिला अस्पताल की ओर आने वाले चारपहिया वाहनों को चौक व राजापाल चौराहे पर रोक दिया गया।

भड़के एएसपी, बोले ले जाओ शव  
बार-बार मर्चरी से शव ले जाने व छोडक़र चले जाने की बात को लेकर भीड़ हंगामा करती रही। इससे झल्लाकर एएसपी पूर्वी बोले ले जाओ शव, हिम्मत है हो तो आरोपियों का नाम बताओ। पुलिस उनकी धरपकड़ करे। बिना पुलिस के कुछ कर भी नहीं पाओगे। एएसपी की फटकार के बाद जाकर लोग शांत हुए। इसके बाद पंचायतनामा भरने की प्रक्रिया शुरू हो सकी।

पांच बेटों के सिर से छिना पिता का साया
सपा नेता हरिश्चंद्र सिंह के पांच बेटे थे। बड़े बेटे चंदन सिंह की शादी हो चुकी है। उससे छोटे अतुल, अनुज व कुंदन पिता के कारोबार में हाथ बंटाते थे। रवि पढ़ रहा है। शव पहुंचने पर भतीजा बेहोश हो गया। पत्नी विमला सिंह का रो-रोकर बुरा हाल रहा। हर कोई हरिश्चंद्र की सरलता की चर्चा करता रहा।

डेल्टा पर मदद के लिए चिल्लाती रही अंतू पुलिस
बिहारगंज बाजार में जाम हटवाने और उग्र भीड़ को भगाने के लिए पुलिसकर्मियों का लाठी पटकना बवाल का कारण बन गया। उग्र भीड़ हाथ में लाठी-डंडा व ईंट-पत्थर लेकर पुलिसकर्मियों पर टूट पड़ी। गलियों से पुलिसकर्मियों को भागना पड़ा। कंट्रोलरूम को मदद के लिए बार-बार मैसेज भेजा जाता रहा, लेकिन अंतू पुलिस की मदद करने के लिए आधे किमी की परिधि में डेरा जमाए दूसरे थाने के पुलिसकर्मी नहीं पहुंच सके।
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