बोर्ड परीक्षा में खुली नकल हो रही है। शिक्षा विभाग की लापरवाही का आलम यह रहा कि इस वर्ष विभाग ने कंट्रोल रूम भी नहीं स्थापित किया है। इससे नकलची केंद्रों की सूचना विभाग तक नहीं पहुंच पा रही है। नकल रोकने के लिए 85 क्लस्टर में बंटे जोनल, सेक्टर बांटने का दावा सिर्फ कागजों तक सिमटा रहा। जिले के अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर साइलेंट नकल हुई। परीक्षा केंद्र के बाहर तो कोई नजर नहीं आ रहा है। मगर अंदर जो कुछ हो रहा है वह संदिग्ध है।
हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में अफसरों की लापरवाही से नकल माफिया पूरी तरह हावी हैं। जिले के 367 परीक्षा केंद्रों पर पहले दिन भारी अव्यवस्था दिखी। नकल रोकने के लिए जिला प्रशासन ने जिले के परीक्षा केंद्रों पर 85 क्लस्टर और 27 केंद्रों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए हैं। मगर गुरुवार को अधिकांश अधिकारी अपनी तैनाती स्थल पर नहीं पहुंचे। इससे केंद्र व्यवस्थापकों ने मनमाने ढंग से परीक्षा कराई। हालांकि नकलची केंद्रों के बाहर नकल माफिया के करीबी जमे रहकर सचल दस्ते की लोकेशन लेते रहे। डीआईओएस कार्यालय में बनने वाला कंट्रोल रूम इस बार नहीं बनाया गया है।
लालगंज इलाके में अधिक नकलची केंद्र होने के बावजूद अधिकारी अनदेखी करते नजर आए। शिक्षा विभाग के सचल दस्ते चुनिंदा स्कूलों में दस्तक दिए। अधिकांश स्कूलों में पहले फोन करने के बाद पहुंचे। इससे नकल माफिया पहले ही सावधान हो गए। जिले के अधिकांश केंद्रों के बाहर कोई नहीं नजर आया। मगर अंदर बोलकर प्रश्नपत्र हल कराए गए। डीआईओएस आरके वर्मा ने दावा किया कि जिले में नकलविहीन परीक्षा हो रही है। उन्होंने चेताया कि अगर किसी केंद्र पर सामूहिक नकल की शिकायत मिली तो कॉलेज को डिबार कर दिया जाएगा।