आचार्य नरेन्द्र देव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विनैका में स्वतंत्रता संग्राम सेनानी की मूर्ति तोड़ने व विद्यालय पर कब्जे के मामले के तूल पकड़ने के बाद प्रशासन भी सक्रिय हो गया। मंगलवार को अचानक एएसपी समेत कई थानों की फोर्स आ धमकी और प्राचार्य को विद्यालय पर पुन: कब्जा दिलाया। उधर थानाध्यक्ष आसपुर देवसरा बालकृष्ण शुक्ल को लाइनहाजिर कर दिया गया है।
सत्तर के दशक के चल रहे आचार्य नरेन्द्र देव उच्चतर माध्यमिक विद्यालय विनैका की स्थापना स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डा. राजेश्वर प्रसाद त्रिपाठी की प्रेरणा से की गई थी। बीते शनिवार की रात में यहां उनकी मूर्ति तोड़कर शिलापट्ट हटाने के बाद विद्यालय का नाम बदल दिया गया था। प्रबंधक अनिल त्रिपाठी की तहरीर पर पुलिस ने प्रमुखपति सभापति यादव समेत उनके भाइयों पर केस दर्ज किया था।
विद्यालय कब्जे के मामले ने उतना तूल नहीं पकड़ा जितना स्वतंत्रता सेनानी की मूर्ति तोड़ने पर प्रशासन की किरकिरी हुई। मंगलवार को एएसपी पूर्वी कई थानों की फोर्स लेकर पहुंचे। और प्रधानाचार्य शशिभाल त्रिपाठी को विद्यालय पर कब्जा दिलाया। प्राचार्य शशिभाल त्रिपाठी ने प्रधानाचार्य कार्यालय, लिपिक कार्यालय, विज्ञान प्रयोगशाला से चालीस हजार तक के सामान गायब होने की तहरीर दी है।