मानधाता थाना क्षेत्र के एक प्रकरण को लेकर मंगलवार को सदर तहसील में अधिवक्ता और लेखपाल आमने-सामने आ गए। सदर एसडीएम के सामने उनके बीच मारपीट होने लगी। जिससे तहसील में हड़कंप मच गया। एसडीएम सदर ने किसी तरह बीच-बचाव कर विवाद शांत कराया। बवाल की आशंका में कई थानों की फोर्स के साथ एएसपी पूर्वी और सीओ सिटी तहसील पहुंचे। अधिकारियों के सामने दोनों पक्ष एक दूसरे पर मारपीट का आरोप लगाते रहे। दोनों पक्ष प्रकरण को लेकर जिलाधिकारी के समक्ष पेश हुए। अफसरों को प्रार्थना पत्र दिया है।
सदर तहसील में मंगलवार दोपहर बाद अधिवक्ता विवेकदत्त मिश्र पाली और लेखपाल गिरजाशंकर पांडेय से शीला पत्नी मुन्ना के प्रार्थना पत्र को लेकर कहासुनी हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो लेखपाल प्रार्थना पत्र यह कहते हुए रिसीव नहीं कर रहे थे कि वह दूसरे हल्के का मामला है। इसी मामले को लेकर अधिवक्ता विवेक ने मामले की शिकायत एसडीएम सदर एसपी सिंह से की। एसडीएम ने लेखपाल को अपने चैंबर में बुलाया। जहां अधिवक्ता व लेखपाल के बीच तकरार होने लगी। दोनों पक्ष से दूसरे लोग भी आ गए। यहां एसडीएम के सामने अधिवक्ताओं व लेखपालों के बीच मारपीट होने लगी। एसडीएम ने मशक्कत के बाद दोनों पक्षों को समझाबुझाकर शांत कराया। यह खबर बाहर पहुंची तो लेखपाल और वकील तहसील में एकत्र होने लगे।
बवाल बढ़ने की आशंका को देखते हुए कोहड़ौर, रानीगंज के साथ ही शहर के सभी चौकी प्रभारियों को तहसील बुला लिया गया। कुछ देर में एएसपी पूर्वी अवनीश मिश्रा और सीओ सिटी अंजनी राय भी पहुंच गए। लेखपाल गिरजाशंकर का आरोप था कि अधिवक्ताओं ने जबरन उन लोगों के साथ मारपीट की। अधिवक्ता विवेकदत्त मिश्र पाली का आरोप था कि लेखपालों ने मुवक्किल के मामले में जानकारी लेने पर उनके साथ मारपीट की। तहसील में जुटे लेखपालों ने हुंकार भरते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। बाहर वकील विरोध जताने लगे। बाद में लेखपाल जिलाधिकारी से मिलने के लिए उनके कैंप कार्यालय पहुंचे। कुछ देर बाद वकीलों का प्रतिनिधिमंडल भी डीएम से मिलने के लिए पहुंच गया। सीओ सिटी अंजनी राय ने बताया कि अभी दोनों पक्षों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलेगी तो मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महिला ने लगाया लेखपालों पर आरोप
मानधाता थाना क्षेत्र के सीधापुर निवासी शीला पत्नी मुन्ना की ओर से एक प्रार्थना पत्र अफसरों को दिया गया। जिसमें शीला ने आरोप लगाया है कि संपूर्ण समाधान दिवस में मंगलवार को उसने शिकायती पत्र देकर जमीन संबंधी विवाद के निस्तारण की मांग की थी। एसडीएम सदर ने मामले को तहसीलदार सदर के लिए अग्रसारित करते हुए कार्रवाई का निर्देश दिया था। उसका आरोप है कि लेखपालों ने मिलकर उसे धमकाया और उससे दो हजार रुपये मांगे। न देने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया।
तनातनी के बाद फरियादियों ने कसा किनारा
सदर तहसील में अधिवक्ताओं और लेखपालों के बीच तनातनी को देखते हुए फरियादियों ने किनारा कस लिया। विवाद के बाद नारेबाजी होती देख परिसर में अफरा-तफरी का माहौल कायम हो गया। देखते ही देखते ही सदर तहसील पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। हालांकि समझौते का भी प्रयास चल रहा था।