वाराणसी-लखनऊ हाईवे पर बाइक से स्कूल जा रहे प्रधानाचार्य अरुण कुमार शुक्ला (35) को बेकाबू बस ने टक्कर मारकर मौत की नींद सुला दिया। चालक बस छोड़कर फरार हो गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने बस कब्जे में ले ली है। जेठवारा थाना क्षेत्र के अरुण कुमार शुक्ला पुत्र राजमणि शुक्ला कंधई थाना क्षेत्र के किशुनगंज स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में प्रधानाचार्य थे। शनिवार सुबह घर से बाइक लेकर स्कूल के लिए निकले। वाराणसी-लखनऊ राजमार्ग पर मुकुल ढाबे के करीब पहुंचे तो पीछे से आ रही सगरासुंदरपुर स्थित एक कॉलेज की बस ने पीछे से बाइक में टक्कर मार दी। इससे वह बाइक समेत गिर पड़े।
सिर में चोट लगने के कारण अरुण बेहोश हो गए। घटना देख आसपास के लोगों ने शोर मचाते हुए बस का पीछा कर लिया। लोगों को पीछा करते देख चालक बस छोड़कर भाग निकला। राहगीरों ने उसे गंभीर रूप से घायल अरुण के परिजनों को सूचना देने के बाद उसे लेकर जिला अस्पताल भागे। यहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिजन रोते बिलखते अस्पताल पहुुंचे। अरुण का शव देखते ही पत्नी मनीषा शुक्ला बेहोश हो गईं। स्वास्थ्य कर्मचारियों ने शव को मर्चरी में रखकर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आचार्य अरुण की हादसे में मौत की खबर मिलने पर मादूपुर से लेकर किशुनगंज तक कोहराम मच गया।
जेठवारा थाना क्षेत्र के मादूपुर निवासी आचार्य अरुण शुक्ला की मौत की खबर मिलने पर देखते ही देखते सैकड़ों की तादाद में लोग पोस्टमार्टम हाउस पर पहुंचे। वे शव मर्चरी से उठाकर ले जाने की तैयारी भी करने लगे। कुछ लोग हाईवे जाम कर बवाल की बात भी कर रहे थे। इस बात की भनक पुलिस को हुई तो मौके पर मकंद्रूगंज चौकी प्रभारी यशकरन सिंह यादव दलबल के साथ अस्पताल पहुंचे। बाद में सीओ सिटी एमपी सलोनिया, शहर कोतवाल बलिराम मिश्रा भी पहुंचे और परिजनों को समझा बुझाकर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया तब जाकर आक्रोशित लोग शांत हुए। मोहनगंज में शव लेकर लौटने के बाद बवाल की आशंका को देखते ही जेठवारा व मोहनगंज की पुलिस अलर्ट रही। हालांकि परिजन शव लेकर सीधे घर चले गए।