गुरुवार को शहर से सटे फुलवरिया में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार चार बदमाशों को पुलिस ने शुक्रवार को जेल भेज दिया। पुलिस का दावा है कि बदमाशों से पूछताछ के बाद लूट-छिनैती की सात घटनाओं का खुलासा हुआ है। बदमाश लूटी गई बाइक की नंबर प्लेट बदलने के बाद प्रतापगढ़ और आसपास के जिलों में वारदातों को अंजाम दे रहे थे। उधर, जेठवारा इलाके में लूट की वारदात को अंजाम देने जा रहे तीन बदमाशों को पुलिस मुठभेड़ के बाद दबोच लिया।
गुरुवार को फुलवरिया में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार बदमाशों को शुक्रवार को एसपी शगुन गौतम ने मीडिया के सामने पेश किया। एसपी ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि फुलवरिया में एक बाग में चार बदमाश लूट की रकम का बंटवारा कर रहे हैं। इस पर पुलिस टीम वहां पहुंची तो बदमाशों ने फायर शुरू कर दिया। एक बदमाश घर में घुस गया और पुलिस पर फायर करने लगा। जवाबी फायरिंग करते हुए चारों को दबोच लिया गया। पकड़े गए बदमाश शुभम् उर्फ सफर सिंह पुत्र कमलेश बहादुर सिंह निवासी फुलवरिया, चमन शर्मा पुत्र रमेशचंद्र शर्मा निवासी रूपापुर, चंचल वनवासी पुत्र बुधईराम निवासी फुलवरिया और अनिल कुमार उर्फ ललऊ पुत्र प्रकाशचंद्र निवासी पूरेसुकाल हैं। इनके पास से चार तमंचा, 11 कारतूस, पांच खोखे और लूट की दो बाइक के साथ 10550 रुपये नगद बरामद किए गए हैं। ये लूटी गई बाइक की नंबर प्लेट बदलकर वारदातों को अंजाम देते थे। पूछताछ के बाद लूट-छिनैती की सात घटनाओं का खुलासा हुआ है। पकड़े गए सभी युवक 18 से बीस साल के हैं। पुलिस टीम की सफलता पर आईजी ने 15 हजार और एसपी ने पांच हजार रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की है।
एसपी शगुन गौतम ने बताया कि इसी तरह जेठवारा पुलिस गुरुवार शाम तीन बजे गजराही नहर पुलिया के पास चेकिंग कर रही थी। इसी बीच नौबस्ता की ओर से एक बाइक पर सवार तीन युवक आते दिखे। पुलिस को देखकर भागने के चक्कर में उनकी बाइक पलट गई। इस पर तीनों बाइक छोड़कर खेत की ओर भागने लगे। पुलिस के पीछा करने पर फायरिंग शुरू कर दी, लेकिन उन्हें दौड़ाकर दबोच लिया गया। पकड़े गए लालगंज के बाबूगंज निवासी अरशद उर्फ इरशाद पुत्र मुन्ना, पूरे वंशी नेवाजी निवासी अजीत गौतम उर्फ पिंकल पुत्र त्रिभुवन व जेठवारा थाना के खटवारा निवासी राजा उर्फ सारिक पुत्र ताहिर के पास से पुलिस ने 19500 रुपये, एक चोरी की बाइक, तीन तमंचे, आठ कारतूस और तीन नंबर प्लेट बरामद किया है। ये बदमाश भी मोटरसाइकिल का नंबर बदल-बदलकर घटनाओं को अंजाम देते थे। इनका सरगना शातिर सनी उफ सैनी पुत्र सालिकराम निवासी मलिहाना टोला नगर कोतवाली है। एसपी ने पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है।
शहर में लूट और छिनैती की घटनाओं को अंजाम शुभम उर्फ सफर गैंग के लोग दे रहे थे। पुलिस की मानी जाए तो 8 अप्रैल को कृष्णा मैरेज हाल के पास पट्टी कोतवाली के अतरौरा निवासनी सहायक अध्यपक प्रीती का पर्स छीनकर फरार हो गए थे। जिसमें 25 हजार रुपये थे। 10 अप्रैल को भंगवाचुंगी के पास से रामयज्ञ वर्मा की बोलेरो चोरी हो गई थी। इनमें इन्हीें लोगों का हाथ था। 14 अप्रैल को जान मोहम्मद को पीटकर तीन हजार रुपये नकदी और मोबाइल छीनकर फरार हो गए थे। चार जून को नगर कोतवाली के भगेसरा निवासी राजेश्वरी तिवारी टेंपो से शहर जा रही थी। छैवापुल के पास टेंपो को ओवरटेक करके उसका पर्स छीन लिया था। पर्स में जेवर के साथ दो हजार नकदी भी थी। 9 जून को चौक से घनश्याम पटेल की बाइक चोरी कर ली थी।
नगर कोतवाली और जेठवारा पुलिस ने जिन सात बदमाशों को गिरफ्तार करके जेल भेजा है वे सभी 18 से 22 वर्ष के हैं। सभी नशे और अय्याशी करने के लिए लूट की घटनाओं को अंजाम देते थे। जो पैसा मिलता था उसे बांट लेते थे।
फुलवरिया में पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़े गए बदमाश कभी भी अपने साथ मोबाइल लेकर नहीं चलते थे। इतना ही नहीं एक दूसरे से फोन पर बात करने की जगह सीधे उनके घर पहुंच जाते थे। दिन और रात में जब वे घर से निकलते थे तो परिजन भी एक बार उनसे यह नहीं पूछते थे कि वे कहां जा रहे हैं। मोबाइल पास में न होने के कारण कभी भी पुलिस सर्विलांस के जरिए भी उन्हें नहीं पकड़ पाती थी।