प्रतापगढ़। संडवा चंद्रिका क्षेत्र पंचायत में बगैर विकास कार्य कराए ही भुगतान करने के मामले में 98 लाख रुपये रिकवरी का आदेश जारी किया गया है। गुरुवार को डीएम ने अनियमितता में शामिल आरोपियों से रुपये की रिकवरी करने का आदेश जारी कर दिया। टीएसी जांच रिपोर्ट आने के बाद डीएम ने यह कदम उठाया है। संडवा चंद्रिका विकास खंड में क्षेत्र पंचायत समिति के तहत दो साल पहले विकास कार्य के नाम पर 9.50 करोड़ रुपये का भुगतान कर लिया गया। तत्कालीन डीएम और सीडीओ ने ब्लाक में छापेमारी करके अभिलेखों को जब्त कर लिया। समाचार पत्रों में मामले का खुलासा होने पर जांच टीएसी को सौंप दी गई। टीएसी ने दो तरह से जांच की। एक जांच में उसने जो कार्य हुए थे, उनकी गुणवत्ता खंगाली, जिसमें नौ लाख रुपये की अनियमितता मिली थी।
टीएसी ने दूसरी जांच रुपये निकलने के बाद भी विकास कार्यों के नहीं होने को लेकर की। इसमें खुलासा हुआ है कि 98 लाख रुपये का भुगतान तो कर लिया गया था, मगर मौके पर कार्य नहीं कराया गया था। जांच टीम ने तत्कालीन बीडीओ शोभनाथ मौर्य से 47 लाख, कार्यप्रभारी बृजेश सिंह से 37 लाख, तत्कालीन कार्यप्रभारी और वर्तमान में बीडीओ अशोक कुमार दुबे से 9 लाख, जगदीश सिंह से 4 लाख और जय सिंह से 81 हजार रुपये की रिकवरी करने को कहा था। डीएम ने गुरुवार को टीएसी की जांच को अमल में लेते हुए जिम्मेदार लोगों से रुपये की रिकवरी करने का आदेश जारी कर दिया है। सीडीओ राजकमल यादव ने बताया कि रिकवरी का पत्र ब्लाक भेजा जा रहा है।
टीएसी की जांच में 9 लाख रुपये की रिकवरी का आदेश पहले ही जारी किया जा चुका है। जिसमें कुछ कर्मचारियों ने रुपये जमा किए, जबकि कुछ कर्मचारी बचने के लिए नेताओं की परिक्रमा कर रहे हैं। फिलहाल विभागीय अधिकारियों का मानना है कि रिकवरी का आदेश जारी होने पर बचाव करने का कोई तरीका नहीं बचता है।