अधिवक्ता इंद्रमणि शुक्ला की हत्या करने वाले हत्यारों को आठ दिन बाद भी पुलिस नहीं पकड़ सकी। हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा करने वाली पुलिस के हाथ तीन शातिर नहीं लग रहे। पुलिस को झांसा देकर एक शातिर बदमाश दिल्ली भाग निकला। कोतवाली और क्राइम ब्रांच केवल हवा में तीर चलाती रह गई।
नगर कोतवाली के बड़नपुर निवासी अधिवक्ता इंद्रमणि शुक्ला की 29 अक्तूबर की रात घर के करीब गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसी दिन से पुलिस हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास कर रही है लेकिन कामयाबी नहीं मिल रही। एसपी सुनील कुमार सक्सेना ने कोतवाली पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच की टीम को लगाया। पुलिस सूत्रों की मानें तो छानबीन करने वाली पुलिस अधिवक्ता के हत्यारोपियों तक पहुुंचने का दावा कर रही है। उसके निशाने पर जिले के तीन शातिर अपराधी हैं, लेकिन वे पुलिस के हाथ नहीं लग रहे। पुलिस का मानना है कि तीनों शातिर अपराधियों ने मिलकर वकील की हत्या को अंजाम दिया है।
एक शातिर अपराधी को पुलिस ने राडार पर लिया। जब तक पुलिस उसके ठिकाने पर पहुंचती, उससे पहले ही उसने अपना ठिकाना बदल दिया। अब उसकी लोकेशन दिल्ली में मिल रही है। कोतवाली और क्राइम ब्रांच की पुलिस शातिरों के तलाश में दिन रात हाथ पैर मारने का दावा कर रही है, लेकिन हकीकत इससे कोसों दूर दिखाई पड़ती है। सीओ सिटी मनीष मिश्रा ने बताया कि घटना को अंजाम देने वाले हत्यारों तक पुलिस पहुंच गई है, लेकिन उनकी गिरफ्तारी के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।