मानिकपुर थाने पर हुए हमले को लेकर कुंडा कोतवाली को ही मुख्यालय बना दिया गया है। शुक्रवार को पूरे दिन अधिकारियों का आना-जाना लगा रहा। पहले दिन डीआईजी ने स्वयं कमान संभाली थी। शुक्रवार को सुबह ही एसपी कुंडा पहुंच गए और सारे कामों का संचालन अपनी देखरेख में शुरू करवाया।
मानिकपुर थाने की घटना को प्रशासन ने बेहद संजीदगी से लिया है। शासन स्तर पर इसकी मॉनीटरिंग हो रही है। यही कारण है कि पहले ही दिन कुंडा में डीआईजी जितेंद्र शादी ने कैंप लिया। पूरा दिन काम देखने के बाद वह शाम को इलाहाबाद के लिए रवाना हुए। स्वयं के हटते ही उन्होंने एसपी एमपी वर्मा से इसे देखते रहने की बात कही। एसपी भी देर रात तक कुंडा में ही मौजूद रहे। रात में वह मुख्यालय तो गए लेकिन सुबह फिर से वह कुंडा पहुंच गए। एसएचओ के ऑफिस को ही एसपी ने अपना ऑफिस बना लिया।
इसके अलावा गुरुवार को एसपी के साथ ही एडिशनल पश्चिमी भी देर रात कुंडा कोतवाली में ही रहे। दूसरे दिन उनके न होने पर सीओ कुंडा असित श्रीवास्तव भी अपना ऑफिस छोड़कर कोतवाली में डटे रहे। दिन में होने वाली गतिविधियों के साथ ही मुकदमा फर्द गिरफ्तारी की योजनाएं तैयार होती रहीं। आसपास के सभी थानों के एसओ भी कुंडा में रिपोर्ट कर रहे हैं।