प्रतापगढ़ के मानिकपुर थाने में घुसकर होमगार्ड की गोली मारकर हत्या के बाद आईजी आरके चतुर्वेदी ने पुलिस टीम पर हुए हमले के मामले की समीक्षा की। समीक्षा में प्रमुख अभियुक्तों की गिरफ्तारी नाम निकाले जाने या उनकी गिरफ्तारी न होने पर उन्होंने मातहतों को फटकार लगाई। उन्होेंने कहा कि यह स्थिति ऐसे मनबढ़ गुंडों को पुलिस पर हमले के लिए प्रोत्साहित करती है।
आईजी आरके चतुर्वेदी ने सख्त तेवर दिखाते हुए चेतावनी दी है कि शनिवार से 11 मार्च तक ऐसे बदमाशों के खिलाफ जोन के सभी जिलों में अभियान चलाया जाए। आरोपियों की गिरफ्तारी और विवेचना का निस्तारण किया जाए। इसकी रिपोर्ट छह मार्च और 12 मार्च तक दी जाए। उन्होंने चेताया कि मामले में जिसकी भी लापरवाही सामने आई उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। पुलिस टीम हमले के मामले में इलाहाबाद सबसे आगे है। पिछले 14 महीने में पुलिस टीम पर हमले के 27 मामले सामने आए। जिनमें 252 अभियुक्तों को नामजद किया गया। हमले में 62 पुलिसकर्मी घायल हुए। 97 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।