प्रतापगढ़। सांगीपुर में वाहनों की चेकिंग कर वसूली करने वाले फर्जी इंस्पेक्टर दो साल पहले गोंडा जनपद में एआरटीओ बनकर वसूली करते जेल जा चुका है। वह खुद फिल्म बनाने व नाटकों में रोल के साथ रामलीला मंचन में अभिनय करने का दावा करता रहा। कहा कि वह दर्शन पूजन करने के लिए भूलवश वर्दी पहनकर चला गया। पुलिस उसे जबरन फंसा रही है।
पुलिस अधीक्षक देवरंजन वर्मा ने बताया कि सांगीपुर थानाध्यक्ष ने शुक्रवार की रात फर्जी इंस्पेक्टर को पकड़ा था। पूछताछ के दौरान उसने पुलिस की वर्दी पहनकर लोगों से वसूली की बात स्वीकार की। उसे बूढ़ेनाथ मंदिर देऊम के पास से गिरफ्तार किया गया। उसके पास से लोगों से वसूली के 410 रुपये, वर्दी, तीन स्टोर, बैच, मोनोग्राम, सीटी डोरी, नेम प्लेट आशुतोष तिवारी का बरामद हुआ है। फर्जी इंस्पेक्टर बनने वाला कोहड़ौर थाना क्षेत्र के रामजानकीपुर चंदौका का रहने वाला श्याम शंकर तिवारी है। उसके ऊपर कोहड़ौर थाने में सरकारी कर्मचारियों से मारपीट व गुंडा एक्ट के तहत भी कार्रवाई हुई है। सांगीपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि श्यामशंकर तिवारी पहले भी फर्जी एआरटीओ बनकर गोंडा में वाहनों से वसूली करते पकड़ा जा चुका है।
उसके पास से बोलेरो भी बरामद हुई थी। उसके दूसरे साथी भाग निकले थे। उसे जेल भेजा जा रहा है। पहले तो श्यामशंकर अपना व्यवसाय दूध का बताता रहा। मीडिया से बात करते हुए बताया कि वह फिल्में बनाने के साथ ही सीरियल व फिल्मों में अभिनय करता है। रामलीला मंचन के दौरान वर्दी पहनकर सीधे बाबाघुइसरनाथ धाम का दर्शन करने गया था। जहां पुलिस ने पकड़ लिया। वह किसी तरह की कोई वसूली नहीं कर रहा था।