ब्लाक प्रमुख उपचुनाव को लेकर कांग्रेस व भाजपा समर्थक प्रत्याशियों समेत कुल तीन ने बुधवार को लाव लश्कर के साथ ब्लाक सभागार में नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन के दौरान आमने-सामने हुए कांग्रेस व भाजपा समर्थकों की नारेबाजी से प्रशासन के होश उड़ गए। प्रत्याशियों के साथ सिर्फ प्रस्तावक ही परिसर में प्रवेश पा सके। नामांकन की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने पर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली।
लालगंज ब्लाक प्रमुख के उपचुनाव में बुधवार को नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए लाव लश्कर के साथ प्रत्याशी ब्लाक पहुंचे। दोपहर बाद सबसे पहले भाजपा समर्थक अर्जुनपुर के बीडीसी रमेश प्रताप सिंह समर्थकों संग नारेबाजी करते ब्लाक गेट पर पहुंचे। प्रशासन ने समर्थकों को बाहर रोक दिया। ब्लाक सभागार में रिटर्निग अफसर पंकज वर्मा के समक्ष रमेश प्रताप सिंह ने एक सेट में अपना नामांकन पत्र भरा। रायपुर भगदरा वार्ड 24 से बीडीसी भानू प्रताप व पूरे इच्छाराम वार्ड 22 से बीडीसी सुमित्रा प्रस्तावक रहे। इस बीच कांग्रेस समर्थक कैथौला के क्षेत्र पंचायत सदस्य सुरेंद्र सिंह ददन लाव लश्कर के साथ नारेबाजी करते हुए नामांकन पत्र दाखिल करने पहुुंचे।
ब्लाक के गेट पर भाजपा व कांग्रेस समर्थक आमने सामने हुए तो दोनो ओर से जमकर नारेबाजी होने लगी। कांग्रेस व भाजपा समर्थकों के आमने सामने होने अचानक माहौल गरम हो गया। रमेश व सुरेंद्र के समर्थकों में तनातनी देखकर सीओ ओम प्रकाश द्विवेदी व तहसीलदार ओम प्रकाश पांडेय भागकर गेट पर पहुंचे। उन्होने दोनों पक्षों को समझा बुझाकर शांत कराया। इसके बाद सुरेंद्र सिंह को प्रस्तावकों के साथ परिसर में बुला लिया गया। यहां रिटर्निग अफसर एसडीएम सदर पंकज वर्मा के सामने चार सेटों में कांग्रेस समर्थक सुरेंद्र सिंह ने नामांकन पत्र भरा। पूरे तिलकराम वार्ड 60 से बीडीसी चंद्रमौलि व भेभौरा वार्ड 42 से बीडीसी कृष्णदत्त उनके प्रस्तावक रहे।
नामांकन दाखिल करने के बाद दोनों प्रत्याशी अपने समर्थकों संग वापस लौट गए। अपराह्न तीन बजे के करीब बेलहा के क्षेत्र पंचायत सदस्य जीतेंद्र सिंह राजू ने प्रस्तावक अर्जुनपुर वार्ड 14 के बीडीसी प्रशांत व महिमापुर वार्ड 34 के बीडीसी राकेश सरोज के साथ नामांकन पत्र रिटर्निंग आफीसर को सौंपा। नामांकन पत्र दाखिल करने की प्रक्रिया सकुशल संपन्न हुई तब जाकर पुलिस प्रशासन ने राहत की सांस ली। अपराह्न चार बजे के बाद आरओ पंकज वर्मा ने जांच के बाद तीनों नामांकन पत्रों को वैध घोषित कर दिया। इसके बाद लोगों को जमावड़ा ब्लाक से हट सका। इस मौके पर एसडीएम कोमल यादव, बीडीओ कुसुमलता, सांसद प्रमोद के प्रतिनिधि भगवती प्रसाद तिवारी, मीडिया प्रभारी ज्ञान प्रकाश शुक्ल, भाजपा नेता सूबेदार सिंह, पूर्व भाजपा प्रत्याशी राकेश सिंह आदि मौजूद रहे।
रमेश व सुरेंद्र में बराबरी पर छूटा है मुकाबला
क्षेत्र पंचायत के चुनाव में रमेश प्रताप सिंह ब्लाक प्रमुख बने तो वह समाजवादी पार्टी के समर्थक थे। लेकिन बाद में उनके भाई नागेश प्रताप सिंह ने भाजपा से रामपुर खास विधान सभा का चुनाव लड़ा तो प्रमुख रमेश ने भी भाजपा का दामन थाम लिया। लेकिन विधान सभा चुनाव के बाद कांग्रेस सशमर्थक बीडीसी सदस्य सुरेंद्र सिंह की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर सत्तापक्ष में होते हुए भी रमेश प्रताप की कुर्सी चली गई। रमेश ने ब्लाक प्रमुख के चुनाव में सुरेंद्र सिंह को पटखनी दी थी। बाद में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए सुरेंद्र ने सत्तापक्ष के ब्लाक प्रमुख रमेश प्रताप सिंह को कुर्सी से बेदखल कर अपनी हार का बदला ले लिया। ब्लाक प्रमुख रेस में अभी तक दोनों दावेदार एक एक बाजी जीत चुके हैं। अब फाइनल मुकाबला नौ मार्च को खेला जाना है। 60 क्षेत्र पंचायत सदस्य शुक्रवार को रमेश व सुरेंद्र की किस्मत का फैसला लिखेंगे। इस बार जीतेंद्र सिंह भी चुनाव मैदान में उतरें हैं लेकिन अधिकतर लोगों का मानना है कि नाम वापसी के बाद सिर्फ रमेश व सुरेंद्र ही मैदान में रह जाएंगे। अब देखना है कि तीसरी और फाइनल बाजी में किसका पलड़ा अधिक भारी रहता है।
एक तरफ नामांकन दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
कुर्सी से बेदखल हुए पूर्व ब्लाक प्रमुख रमेश प्रताप सिंह ने अविश्वास प्रस्ताव को चुनौती देते हुए संपूर्ण प्रक्रिया पर स्थगनादेश के लिए हाईकोर्ट में रिट दाखिल की थी। लेकिन हाईकोर्ट के स्टे देने से इंकार कर दिया लेकिन उनकी रिट को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया। तक से हाईकोर्ट में रिट विचाराधीन है। अब रमेश प्रताप सिंह मामले को सुप्रीम कोर्ट पहुंचा दिया है। एक तरफ बुधवार को प्रमुख के लिए रमेश प्रताप नामांकन कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट में उनकी याचिका पर सुनवाई चल रही थी। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुई चाचिका की जानकारी कांग्रेस समर्थक प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह को हुई तो उन्होने ने भी वहां अपना वकील खड़ा कर दिया। सुरेंद्र के वकील परमात्मा सिंह ने बताया कि सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने स्थगनादेश देने से इंकार कर दिया। वकील ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार के अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट में दाखिल याचिका की प्रगति को लेकर जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। सुप्रीम कोर्ट निर्णय की जानकारी लालगंज पहुंची तो पूर्व प्रमुख रमेश प्रताप सिंह के खेमे में निराशा देखी गई, जबकि चुनाव पर रोक लगाने से इंकार करने पर कांग्रेस समर्थक प्रत्याशी सुरेंद्र सिंह के खेमे में प्रसन्नता का माहौल रहा।
विधायक से मिलने पहुंचे क्षेत्र पंचायत सदस्य
ब्लाक प्रमुख उप चुनाव में नामांकन में पहुंचे बीडीसी सदस्यों को क्षेत्रीय विधायक आराधना मिश्रा मोना के कैं प कार्यालय पर मौजूद होने की जानकारी मिली तो वे उनसे मिलने पहुंच गए। कैंप कार्यालय पर विधायक मोना ने मीटिंग हाल में बीडीसी सदस्यों को संबोधित करते हुए कहा कि विकास को गति देने के लिए लोकतंत्र को मजबूत बनाना होगा। उन्होने कहा कि वह जनप्रतिनिधियों को उनका अधिकार दिलाने के लिए संकल्पबद्ध हैं। विधायक ने क्षेत्र पंचायत सदस्यों के मान सम्मान व सुरक्षा का भरोसा दिलाते हुए सुख दुख में सदैव साथ खड़े रहने की बात कही। शिक्षक विधायक उमेश द्विवेदी ने भी पंचायत प्रतिनिधियों को विकास में संपूर्ण सहयोग देने की बात कही। बैठक का संचालन मीडिया प्रभारी ज् ञान प्रकाश शुक्ल ने किया। इस मौके पर चेयरमैन प्रतिनिधि संतोष द्विवदी, पूर्व विधायक राधेश्याम कनौजिया, रमांशकर तिवारी, अवधेश सिंह, आलोक सिंह, श्रीधर तिवारी, विकास मिश्र, शैलेंद्र मिश्र, आशू मिश्र, आदि मौजूद रहे।