परती जमीन को फसली में दर्ज करने वाले लेखपाल समेत पांच लोगों के खिलाफ कोतवाली नगर में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया। लेखपाल समेत अन्य पर धमकाने का भी आरोप है।
नगर कोतवाली के रंजीतपुर चिलबिला निवासी गौरीशंकर ने नगर कोतवाल को तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। उसका आरोप है कि गाटा संख्या 1331 स्थित ग्राम रंजीतपुर चिलबिला के जरिए बैनामा सहभूमिधर है और काबिज व दाखिल है। गाटा संख्या 1331 खसरे में 1408 फसली से 1418 फसली तक विवरण के कालम संख्या 20 में परती भूमि दर्ज चली आ रही है। आरोप है कि गांव के शंकरलाल, त्रिभुवनलाल, रोशनलाल, विजयबाबू ने क्षेत्रीय लेखपाल निर्भय यादव से मिलकर गलत नियत से परती भूमि की जगह शंकर जी का मंदिर और धर्मशाला का फर्जी इंद्राज करा लिया। इस बाबत गौरीशंकर ने लेखपाल से जब पूछा तो वह धमकी देने लगे। फर्जी खसरे के कारण उसकी क्षति हो रही है। उसकी तहरीर पर पुलिस ने लेखपाल निर्भय समेत 5 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। मामले की विवेचना चौकी प्रभारी श्याम पांडेय को सौंपी गई है।
दूसरी ओर शंकरलाल का कहना है कि हनुमान मंदिर की भूमि का फर्जी कूटरचित खसरा बनाने वालों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल हो गया है। हनुमान मंदिर की जमीन पर फर्जीवाड़ा कर कब्जे का प्रयास किया था। फर्जी कूटरचित बैनामा भी कराया जा चुका है। जिस मामले में धोखाधड़ी का मुकदमा वर्ष 2015 में दर्ज हो चुका है। सभी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित होने के बाद यह बदले की भावना से मुकदमा दर्ज कराया गया है।