संदिग्ध हालत में एक विवाहिता आग से झुलस गई। परिजनों ने दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला। गंभीर रूप से झुलसी महिला को जिला अस्पताल लाया गया। डाक्टरों ने उसकी हालत नाजुक देख इलाहाबाद रेफर कर दिया। वहां ले जाने के दौरान उसकी सांसें थम गईं। परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
लालगंज कोतवाली के तुलापुर मुल्तानीपुर निवासी संजू देवी (35) पत्नी श्रीलाल रविवार की सुबह बच्चों को नाश्ता कराकर अपने कमरे में चली गई। कुछ देर बाद कमरे से धुआं उठता देख परिजन परेशान हो उठे। वे भागकर कमरे के पास पहुंचे लेकिन दरवाजा भीतर से बंद होने के कारण उनको रुकना पड़ा। इस दौरान लोगों ने दरवाजा तोड़ दिया और भीतर घुसे। अंदर का नजारा देख सन्न रह गए। संजू आग से घिरी हुई थी।
किसी तरह लोगों ने आग बुझाई। गंभीर रूप से झुलसी संजू को परिजन जिला अस्पताल लेकर भागे। यहां डाक्टरों ने उसकी हालत गंभीर देख इलाहाबाद रेफर कर दिया। वहां ले जाते समय उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि कमरे के भीतर केरोसिन से भरा डिब्बा रखा हुआ था। शार्ट सर्किट से लगी आग की चपेट में आने से वह झुलस गई। हालांकि इस घटना को लेकर गांव में चर्चाओं का बाजार गर्म है। मां के आग से जलने के बाद उसके तीन बेटों को रो-रोकर बुरा हाल रहा। लीलापुर चौकी प्रभारी घटना से अनभिज्ञता जता रहे हैं।