संदिग्ध हालत में आग से जली विवाहिता ने इलाज के दौरान जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया। मायके वालों ने पति समेत अन्य लोगों पर जलाकर मार डालने का आरोप लगाया है। जिसे लेकर थाने में ससुराल व मायका पक्ष के बीच पंचायत चल रही है।
कंधई थाना क्षेत्र के नेवरा निवासी अजय कुमार प्रजापति का विवाह वर्ष 2006 में अंतू थाना क्षेत्र के दांदूपुर दौलत पारा हमीदपुर निवासी श्यामलाल की बेटी अनीता देवी के साथ हुई थी। शादी के बाद तीन बच्चे पैदा हुए। संदिग्ध हालत में मंगलवार को भोर में अनीता आग से जल गई। उसे पति अजय कुमार ने उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। यह देख परिजन रोने बिलखते लगे और शव को लेकर घर चले गए। घटना की जानकारी मिलने पर श्यामलाल भी अस्पताल पहुंचा और फिर नेवरा चला गया। वहां से अनीता के मासूम बच्चों को लेकर कंधई थाने पहुंचा। श्यामलाल बेटी को पति समेत ससुराल के लोगों पर जलाकर मार डालने का आरोप लगाने लगा। बच्चे भी सोमवार की देर रात पिता व माता के बीच झगड़े की बात बता रहे थे। मृतका के पिता ने पुलिस को तहरीर दी लेकिन बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौते के लिए पंचायत होने लगी। एसओ कंधई ने बताया कि पति-पत्नी के बीच कुछ बातों को लेकर कहासुनी हुई थी। जिससे क्षुब्ध होकर अनीता ने आत्मघाती कदम उठाया।
मासूम बच्चों के सिर से उठ गया मां का साया
कंधई थाना क्षेत्र के नेवरा निवासी अजय कुमार प्रजापति के तीन बच्चे हैं। सबसे बड़ा बेटा अखिलेश , मझली बेटी अंजली और सबसे छोटा बेटा आशीष है। तीन मासूम बच्चों के सिर से मंगलवार को मां का साया उठ गया। वे घर से लेकर जिला अस्पताल तक रोते रहे। नाना व मामा के आने के बाद दोनों लिपटकर रोने लगे।
समझौते के लिए पुलिस ने डाला दबाव
कंधई थाना क्षेत्र के नेवरा निवासी अजय प्रजापति की पत्नी आरती के आग से जलकर मौत की खबर पुलिस को मिली। थाने पहुंचे मायके वालों पर मासूम बच्चों की जिंदगी को बर्बाद न करने का सुझाव देते हुए ससुराल वालों को बुला लिया। जिसके बाद दोनों पक्षों पर समझौता करने के लिए पंचायत होने लगी। बच्चों के नाम पिता के हिस्से की संपत्ति करने की भी उठी।