मंदाह सीएचसी के अधीक्षक और स्वास्थ्य कर्मचारियों को ग्रामीणों ने अस्पताल के अंदर बंधक बनाकर जमकर हंगामा किया। लोग मौके पर सीएमओ को बुलाने की जिद पर अड़ गए। दो घंटे बाद काफी समझाने पर ग्रामीणों ने स्वास्थ्य कर्मियों को छोड़ा। स्वास्थ्य कर्मचारी सीएचसी छोडक़र भाग निकले।
करोड़ों की लागत से शासन ने मंदाह सीएचसी की स्थापना कराई है। तीन बेड की इस सीएचसी में महज एक चिकित्सक, दो फार्मासिस्ट और एक एलटी के साथ वार्डब्वाय की तैनाती है। चिकित्सक तो दूर यहां तैनात स्वास्थ्य कर्मचारियों के भी आने-जाने का कोई समय नहीं है। इससे स्थानीय लोगों को इलाज कराने के लिए कभी जिला अस्पताल तो कभी कोहड़ौर सीएचसी का चक्कर काटना पड़ता है। इस समस्या की ओर स्वास्थ्य विभाग के अफसरों का ध्यान नहीं पड़ रहा है। पखवारे भर पहले मंदाह सीएचसी पर कोहड़ौर के सीएचसी अधीक्षक भरत पाठक आए थे। जानकारी होने पर ग्रामीणों ने उनका घेराव कर व्यवस्था में सुधार करने की मांग की थी। उन्होंने ग्रामीणों से पखवारे भर का समय मांगा था, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
सोमवार सुबह आठ बजे सर्दी-जुकाम और बुखार से पीड़ित सविता, दुर्गावती, कुसुम, सुनीता, सुषमा, सरोजा, फूलकली, संजू, सुमन, कमला, निर्मला, संतोष कुमार सहित दो दर्जन महिलाएं व दर्जन भर पुरुष अस्पताल आए थे। सडक़ पर बैठकर लोग अस्पताल खुलने का इंतजार कर रहे थे। सुबह करीब सवा 11 बजे फार्मासिस्ट अश्वनी श्रीवास्तव, नर्स हरिहर प्रसाद, वार्ड ब्वाय अशोक, लैब टेक्नीशियन संदीप कुमार पहुंचे। दोपहर 12 बजे के करीब में डॉक्टर आजाद पहुंचे। इससे ग्रामीण भडक़ गए। लोगों ने अस्पताल गेट पर ताला जड़ दिया। स्वास्थ्य मंत्री मुर्दाबाद के नारे लगाने लगे। लोग सीएमओ को मौके पर बुलाने की जिद पर अड़ गए। फोन पर सीएमओ ने मीटिंग में व्यस्त होने की बात कहते हुए मंगलवार से व्यवस्था में सुधार का आश्वासन दिया। तब जाकर ग्रामीण शांत हुए।
स्वास्थ्य कर्मचारियों को बंधक बनाए जाने की सूचना मिली थी। ग्रामीणों को फोन पर ही समझाबुझाकर शांत करा दिया गया है। मौका मिलते ही सीएचसी पर पहुंचकर जांच की जाएगी। मरीजों की परेशानी दूर की जाएगी।
एके श्रीवास्तव, सीएमओ।