कई साल से एक दूसरे से मोहब्बत करने वाले प्रेमी युगल को आखिरकार जीवन एक साथ व्यतीत करने का मौका मिल ही गया। परिवार के लोगों को राजी करने के लिए ग्रामीणों को चार दिन लग गए। अंत में परिवार के लोग ग्रामीणों की बातों को मानने के लिए तैयार हुए। जिसके बाद दोनों का बेल्हा देवी मंदिर पर विवाह कराया गया।
नगर कोतवाली के जहनईपुर में दलित बिरादरी की युवती व युवक एक दूसरे से प्रेम करते थे। चूंकि दोनों का घर भी आसपास ही था। इसके कारण दोनों के बीच प्रेम प्रसंग भी जल्द ही गांव में चर्चा का विषय बना गया। चूंकि दोनों बालिग थे और उनकी शादी भी नहीं हुई थी। चर्चाओं पर यकीन करें तो परिवार के लोग शादी करने के लिए राजी नहीं थे। जबकि दोनों विवाह के लिए तैयार थे। उनके परिवार के बीच दस दिनों से आए दिन विवाद भी होता रहता था।
दोनों के परिजन घर के अगल-बगल शादी करने को तैयार नहीं थे। आए दिन होने वाली तकरार की खबर पर गांव के लोग एकत्र हुए। चार दिन से दोनों के परिवार के लोगों को समझाने बुझाने का सिलसिला जारी हुआ। शुक्रवार को पंचायत करने वाले ग्रामीणों को कामयाबी मिली। परिवार के लोग उनकी शादी के लिए राजी हो गए। शनिवार को गांव के लोग दोनों को लेकर बेल्हा देवी मंदिर पहुंचे। यहां परिवार के लोगों की मौजूदगी में दोनों का विवाह कराया गया। इसके बाद कोर्ट मैरिज कराने के लिए कचहरी लोग आए लेकिन कोर्ट बंद होने के कारण शादी पंजीकृत नहीं हो सकी।