महेशगंज में रविवार की रात नवविवाहिता की हत्या के मामले में मृतका के पिता की तहरीर पर पुलिस ने पति के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। आरोपी पति को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। रानीगंज थाना क्षेत्र के राजापुर खरहर निवासी राम अंजोर ने अपनी बेटी आरती देवी की शादी 28 अप्रैल को महेशगंज थाना क्षेत्र के बदगवां निवासी लल्लू प्रजपति के पुत्र संतलाल से की थी। अभी 15 मई को वह अपनी पत्नी की विदाई कराने ससुराल गया था। रविवार को वह अपनी पत्नी आरती को लेकर डेरवा बाजार खरीदारी करने गया था।
बाजार से लौटते समय रात में रेवतीराम रामनगर गांव के पास नहर पर बाइक सवार बदमाशों ने आरती की गोली मारकर हत्या कर दी। मौके पर पहुंची पुलिस से पति संतलाल ने बताया कि दो बाइक पर चार लोग आए और उसे रोक लिया। इसके बाद बाइक सवारों ने बिना कुछ बोले उसकी पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। उसे मारने का प्रयास किया तो वह नहर में कूद गया। मौके पर पहुंचे एएसपी पश्चिमी दिनेश सिंह को घटनास्थल ने हैरत में डाल दिया। पति पर हत्या कराने की सुई घूमने लगी।
उसकी कई बातें झूठी साबित हुईं। आसपास के लोगों ने भी पुलिस को जो बताया उससे और संतलाल के बयान में काफी अंतर था। इसलिए पुलिस ने पति संतलाल को हिरासत में ले लिया। मंगलवार की सुबह मृतका आरती का पिता राम अंजोर थाने पहुंचा और पुलिस को दहेज हत्या की तहरीर दी। पुलिस ने उसकी तहरीर पर पति समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। एसओ महेशगंज सत्यपाल सिंह का कहना है कि पुलिस अपनी जांच में निष्कर्ष तक पहुंच चुकी है। जल्द ही नवविवाहिता की हत्या का खुलासा कर दिया जाएगा।
महेशगंज में रविवार की रात कार सवार आरती की गोली मारकर हत्या की कहानी किसी के समझ में नहीं आ रही है। पुलिस सूत्रों की मानें तो संतलाल ने सुपारी देकर अपनी पत्नी की हत्या कराई है। वह किसी और से शादी करना चाहता था। आरती को रास्ते का कांटा भी समझता था। इसलिए उसे हटाने के लिए उसने साजिश रची। संतलाल के घर से हीरागंज बाजार नजदीक है जबकि डेरवा बाजार दूर। फिर भी संतलाल ने खरीदारी करने के लिए डेरवा को ही चुना।