चलती गाड़ी में गैंगरेप के बाद प्रतापगढ़ की युवती को मंगलवार रात झूंसी इलाके में फेंकने की घटना से पुलिस में खलबली मची है। बुधवार सुबह आईजी और डीआईजी ने भी अस्पताल जाकर 20 वर्षीय पीड़ित लड़की रेहाना (नाम काल्पनिक) के हाल की जानकारी ली। इस सनसनीखेज घटना में नए तथ्य सामने आए हैं। पीड़िता ने घटना के बारे में दो बार बयान बदले। पुलिस से खबर पाकर प्रतापगढ़ से आई इस युवती की मां ने झूंसी थाने में एफआईआर लिखाई है कि उसकी बेटी मंगलवार सुबह स्कूल जा रही थी तभी उसे मार्शल गाड़ी में चार लोगों ने खींचकर बलात्कार के बाद यहां सड़क पर फेंक दिया।
मगर बाद में पीड़ित युवती ने पुलिस अफसरों से कहा कि वह मां की फटकार के बाद मंगलवार सुबह गुस्से में घर से निकलकर इलाहाबाद आ गई थी। दिन भर यहां गुजारने के बाद शाम को वह सिविल लाइंस बस अड्डे पहुंची तो वहां एक युवक ने उसे प्रतापगढ़ पहुंचाने का भरोसा देकर मार्शल जीप में बैठाया। रास्ते में उसके तीन दोस्त आ गए। दो युवकों ने उसके साथ बलात्कार किया और फिर रात में गाड़ी से धकेलकर भाग गए। युवती ने उसे जीप में बैठाने वाले युवक का नाम मोहम्मद शमीम बताया है मगर वह कह रही है कि उसे पहले से नहीं जानती। अब इलाहाबाद के साथ ही प्रतापगढ़ पुलिस भी मार्शल और मोहम्मद शमीम नाम के युवक और उसके दोस्तों की तलाश में जुटी है।
यह युवती मंगलवार रात करीब दस बजे झूंसी में आरा मशीन के पास लोगों को बेहाल मिली थी। खबर पाकर झूंसी पुलिस पहुंची और युवती से बात की। युवती ने बताया कि उसे प्रतापगढ़ से गाड़ी में खींचकर चार लोगों ने बलात्कार के बाद वहां फेंक दिया था। चलती गाड़ी में गैंगरेप की घटना को अफसरों ने गंभीरता से लिया। युवती को डफरिन अस्पताल में भर्ती कराकर पुलिस ने प्रतापगढ़ कोतवाली इलाके में उसके घर खबर दी तो आधी रात पुलिस के साथ उसकी मां अस्पताल आ गई। पता चला कि उसके पिता ने दो शादी की थी। वह खुद इलाहाबाद के अटाला इलाके में रहकर हकीम का पेशा करते हैं। वह भी अस्पताल आ गए। बुधवार को जांच और पीड़ित युवती तथा उसकी मां से पूछताछ आगे बढ़ी तो नए तथ्य सामने आने लगे।