पूर्व प्रधान सहित चाचा-भतीजे को कमरे मे बंद करके पीटा गया। इस दौरान मोबाइल छीनने के साथ ही उनकी गाड़ी भी तोड़ी गई। बाद में उन्हें पुलिस को बुलाकर सौंप दिया गया। दोनों ने अलग-अलग तहरीर थाने में दी है। घटना के बाद पीड़ित लोगों के गांव से भारी संख्या में बाजार पहुंचने की सूचना पर कई थानों की फोर्स भी मौके पर पहुंच गई। हालांकि ऐसा कुछ हुआ नहीं।
डेरवा बाजार में शनिवार को मारपीट के साथ फायरिंग की गई थी। इस मामले में डा.असलम रहीमी ने तहरीर देकर मारीपट 307, 147, 148 सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। राविवार को महेशगंज थाना क्षेत्र के बेलाही गांव निवासी शबील पुत्र अब्दुल हई बाइम में तेल डलाने के लिए डेरवा पेट्रोलपंप पर आया था। इस दौरान उसे कुछ लोगों ने पकड़ लिया और उसे डा.असलम रहीमी के अस्पताल में ले गए और कमरे में बंदकर जमकर पिटाई की गई। आरोपी है कि उसे तमंचा लगाकर उसका मोबाइल आदि छीन लिया गया। इसके बाद पुलिस को सूचना देकर उसे उनके हवाले कर दिया। इसके बाद इन लोगों ने बेलाही गांव निवासी व पूर्व प्रधान सरायखानदेव कैसरअली को पकड़ लिया। उनकी गाड़ी में तोडफ़ोड़ करने के साथ ही उन्हें भी दवाखाने पर ले जाया गया और मारपीट की गई। बाद में उन्हें भी पुलिस को बुलाकर सौंप दिया गया।
मामले के जानकारी आग की तरह पुरे क्षेत्र में फैल गई। थोड़ी देर में हवा फैली की बेलाही व कुटिलिया से सैकड़ों की संख्या में लोग इक_े हो कर डेरवा आ रहे है। इसके चलते डेरवा के लोग भी तैयार होने लगे। मामले की जानकारी होते ही थाना अध्यक्ष जेठवारा राजकिशोर ने उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी देते दी। इस पर जेठवारा के साथ ही महेशगंज, बाघराय, लालगंज, कुंडा, मान्धाता की पुलिस के साथ ही एडिशनल एसपी नीरज पांडेय सीओ कुंडा सुधीर कुमार, सीओ सदर वेद प्रकाश भी मौके पर पहुंच गये। इसके अलावा दो गाड़ी पीएसी की भी पहुंची। भारी पुलिस फोर्स देख लोगों की जान में जान आई। काफी देर तक वहां पुलिस मार्च करती रही। इस मामले में पूर्व प्रधान कैसर और शबील ने थाने में तहरीर दी है। कहा जा रहा है कि अगर पुलिस ने सही ढंग से इस मामले को न निपटाया तो किसी भी अनहोनी घटना से इंकार नही किया जा सकता।
बाजार में हो रहे बवाल का खामियाजा आरोपी के गांव के दूधवालो को भी भुगतना पड़ रहा है। बाजार के लोगो ने उनसे दूध लेना ही बंद कर दिया है। बेलाही गांव के कई लोग दूध के व्यवसाय से जुड़े हैं और डेरवा बाजार में दूध बेचने का कार्य करते हैं। आज सुबह जब गांव के लोग दूध लेकर पहुंचे तो लोागें ने दूध लेने से इंकार कर दिया। यही नहीं बाजार में लगातार भीड़भाड़ और किसी भी समय विवाद हो जाने के डर से न तो गांव से लोग आ रहे हैं और न ही लोग दुकान ही ठीक से खोल पा रहे हैं। इसके चलते उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है।