पृथ्वीगंज। नगर कोतवाली के औवार गांव में बुधवार को लगी आग ने 10 परिवारों की गृहस्थी जलाकर राख के ढेर में तब्दील कर दी। दमकल कर्मियों ने ग्रामीणों के सहयोग से दो घंटे बाद आग पर काबू पाया। तब तक आग का तांडव जारी रहा। औवार में बुधवार की सुबह अचानक घूर की चिंगारी उड़कर पारसनाथ के छप्पर पर जा गिरी। देखते ही देखते चिंगारी तेज हवा चलने के कारण शोला बन गई। हालांकि कुछ लोग बिजली की लाइन से शार्ट सर्किट के बाद निकली चिंगारी छप्पर पर गिरने की बात कहते रहे। आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग आसपास के कच्चे घरों को भी अपनी आगोश में ले लिया।
शोर शराबा सुनकर गांव के लोग आग बुझाने के लिए भागदौड़ करने लगे लेकिन उनकी हिम्मत भी कुछ देर में जवाब दे गई। सूचना मिलने पर फायरब्रिगेड की टीम टैंकर लेकर पहुंची लेकिन रास्ता न होने के कारण घटनास्थल पर टैंकर नहीं पहुंच सका। छोटी गाड़ी से फायरब्रिगेड कर्मी आग बुझाते रहे। दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। तब तक आग ने पारसनाथ यादव, पन्नालाल यादव, रामदेव यादव, विजय कुमार , समर बहादुर, उमाशंकर, गिरजाशंकर, संजय कुमार, नागेंद्र कुमार व प्रमोद कुमार की गृहस्थी जलकर राख हो चुकी थी। खाने पीने की सामग्री के अलावा बर्तन, चारपाई, बिस्तर समेत अन्य सामान जलकर राख हो गए थे।
आग बुझने के बाद आसपास के लोगों ने राहत की सांस ली लेकिन जिन परिवार की गृहस्थी जली थी उन लोगों के आंखों से आंसू थमने का नहीं ले रहा था। अपनी मेहनत की कमाई पल भर में राख के ढेर में बदली देख हर कोई बिलख पड़ता। घटना की जानकारी पर एसडीएम रानीगंज राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पृथ्वीगंज चौकी प्रभारी भी घटनास्थल पर पहुंचे।