शहर के सदर बाजार चौराहे पर शनिवार की शाम सुलतानपुर पुलिस और सदर के पूर्व ब्लॉक प्रमुख के समर्थकों के बीच टकराव हो गया। हाथापाई के दौरान असलहे भी निकले। जिससे वहां भगदड़ मच गई। सुल्तानपुर पुलिस के घिरने की खबर पर एसओजी व शहर कोतवाल भागकर मौके पर पहुंचे। भारी संख्या में पुलिस के पहुंचने के बाद मामला शांत हो सका। सुल्तानपुर के पुलिस अधीक्षक के आदेश पर मोतिगरपुर थानाध्यक्ष वीरेंद्र प्रताप यादव ढिंगुरपुर बनके निवासी दिलीप कुमार के अपहरण की शिकायत पर प्रतापगढ़ पहुंचे। वह कोतवाली में सूचना देने के बाद दिलीप का अपहरण करने वाले लोगों की तलाश में निकल पड़े। सुल्तानपुर पुलिस के साथ दिलीप का भाई संदीप भी था। शाम करीब पांच बजे चौराहे पर संदीप के इशारे पर पुलिस कुछ लोगों को दबोचने का प्रयास किया। दो लोगों को पुलिस ने पकड़ भी लिया। इसी दौरान पूर्व ब्लॉक प्रमुख सदर शांति सिंह के समर्थक उन्हें छुड़ाने लगे।
जिसे लेकर उनके बीच भिड़ंत हो गई। सरेआम उन लोगों के बीच हाथापाई के दौरान पुलिसकर्मी असलहे तान लिए। सादे कपड़ों में मौजूद लोगों के असलहा निकालने पर वहां भगदड़ मच गई। इस बीच सुल्तानपुर पुलिस के साथ मारपीट की खबर पर मकंद्रूगंज चौकी प्रभारी सियाराम वर्मा, शहर कोतवाल हरिपाल सिंह यादव, एसओजी प्रभारी रियाज अहमद दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लाठियां पटककर लोगों को तितर-बितर किया। शहर कोतवाल ने बताया कि पूर्व प्रमुख शांति सिंह के पति राजकुमार सिंह राय साहब ने मध्य प्रदेश के बैतुल के भैंसदेई में शराब का कारखाना लगा रखा है। वहां कुछ दिन पहले दिलीप अपने रिश्तेदार को काम करने के लिए छोड़ आया था। जो 25 दिन पहले कंपनी से 6 लाख रुपये लेकर भाग निकला था। इस मामले में वहां मुकदमा भी दर्ज कराया गया। संदीप को कुछ दिन पहले कुछ लोगों ने रुपये के लिए पकड़ लिया। उसे बचाने के लिए उसके भाई दिलीप ने सुल्तानपुर में अपहरण की तहरीर दी। उसे छुड़ाने के लिए सुल्तानपुर पुलिस आई थी।