बच्चों को पटक-पटक कर मौत के घाट उतारने वाले तीन दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। अपर सत्र न्यायाधीश बीना नारायन ने दर्दनाक घटना को अंजाम देने वाले आरोपियों को सोमवार को सजा सुनाते हुए पांच-पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
घटनाक्रम के अनुसार हथिगवां इलाके के फूलमती विसहिया गांव निवासी विश्वनाथ केसरवानी अपनी पत्नी और बच्चों के संग रहता था। घटना 26 सितंबर 2009 की है। विश्वनाथ केसरवानी के ससुर सजनलाल केसरवानी निवासी लक्ष्मीगंज थाना महेशगंज ने हथिगवां थाने में मुकदमा दर्ज कराया कि उसकी बेटी किरन के घर में बदमाशों ने लूटपाट कर उसकी नातिन साक्षी (6) और नाती प्रिंस (3) को छत के ऊपर पटक-पटक कर मार डाला गया। मां के विरोध करने पर हत्यारोपियों ने चाकू मारकर उसे घायल कर दिया गया। वह घटनास्थल पर बेहोश मिली।
हालांकि उस समय हत्यारोपियों ने मां को भी मृत समझकर ही छोड़ा था। थाने में मुकदमा दर्ज होने के बाद सक्रिय हुई पुलिस ने आरोपी हरि पंडा के पास से अंगूठी, हार और रुपये बरामद किया। अपर सत्र न्यायालय में मुकदमा परीक्षण के लिए आया तो दोनों पक्षों के वकीलों की दलीलें सुनने के बाद सोमवार को न्यायालय ने हरि पंडा निवासी चरनमिश्र का पुरवा विसहिया, श्याम बहादुर सिंह उर्फ पप्पू निवासी खुशियाली सिंह का पुरवा, वीरेंद्र सरोज छोटकी अख्तियारी हथिगवां को हत्या का दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और पांच-पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।