इलाहाबाद के सिविल लाइन स्थित एक रेस्टोरेंट से निकलते ही उजाला इंफोटेक कंपनी के छह कर्मचारियों को वाहन सवार लोगों ने अगवा कर लिया। इसे लेकर पूरी रात तीन जिलों की पुलिस परेशान रही। बुधवार को वे कटरा रोड पर मिल गए। दोपहर बाद सभी को इलाहाबाद पुलिस अपने साथ ले गई।
उजाला इंफोटेक कंपनी के प्रबंध निदेशक सूर्यभान मिश्रा पुत्र सुरेंद्र कुमार मिश्रा निवासी पलिया सुलतानपुर ने मंगलवार की रात आला अधिकारियों को सूचना दी कि उसकी कंपनी के सहायक प्रबंधक अरुण उपाध्याय समेत छह लोगों को सिविल लाइन स्थित एक रेस्टोरेंट से बाहर निकलने के दौरान कई चार पहिया वाहन सवार लोगों ने अगवा कर लिया। वे सभी को जौनपुर ले गए हैं। अपहरण की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। बेल्हा पुलिस को भी अधिकारियों ने अलर्ट करते हुए कर्मचारियों की खोजबीन का निर्देश दिया। बातचीत के दौरान कर्मचारी खुद को जौनपुर ले जाने की बात ही बता रहे थे। इसलिए वहां की भी पुलिस को अलर्ट कर दिया गया। वे भी कर्मचारियों की फार्चूनर की तलाश करते रहे, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। बुधवार की सुबह प्रभारी कोतवाल एके मिश्रा ने इलाहाबाद पुलिस के सहयोग से कर्मचारियों के साथ ही वाहन को भी खोज निकाला।
सभी कर्मचारी सुरक्षित कटरा रोड पर मिल गए। फार्चूनर में जीपीआरएस सिस्टम लगा हुआ था। इसलिए पुलिस लोकेशन ट्रेस होने के बाद कर्मचारियों के वाहन के पास पहुंचने में कामयाब हो गई। इसके बाद अधिकारियों ने राहत की सांस ली। वाहन समेत कर्मचारियों को कोतवाली लाया गया। वहां सभी से एएसपी पूर्वी, सीओ सिटी समेत अन्य अधिकारियों ने पूछताछ की। बाद में वाहन चालक राकेश तिवारी निवासी सीतापुर, सहायक प्रबंधक अरुण उपाध्याय, सीनियर सेल्स मैनेजर संदीप तिवारी व उसका भाई दीपक तिवारी, सुशील पांडेय व आशीष तिवारी को सिविल लाइन पुलिस अपने साथ ले गई। प्रभारी कोतवाल ने बताया कि इलाहाबाद के सिविल लाइन में कर्मचारियों के अपहरण का मुकदमा दर्ज है। इसलिए वहां की पुलिस सभी को साथ ले गई। कर्मचारी जिस स्थान से मिले हैं वहां ऐसा कोई नहीं मिला जो कर्मचारियों को अपहरण करने में शामिल रहा हो। जिस कंपनी के वे कर्मचारी हैं वह कंपनी कई दिनों से बंद है। इसलिए रुपये जमा करने वाले लोग कर्मचारियों को तलाश रहे थे।
इलाहाबाद के सिविल लाइन रेस्टोरेंट में खाना लेने आए फार्चूनर सवार सहायक प्रबंधक अरुण उपाध्याय के साथ सुरक्षाकर्मी भी वाहन में मौजूद थे। उनके पास एक राइफल व एक बंदूक भी थी। यदि अपहरण करने वालों ने कर्मचारियों को जबरन अगवा कर लिया तो सवाल यह पैदा होता है कि सुरक्षाकर्मी उस समय क्या कर रहे थे। इसे लेकर पुलिस विभाग में भी खासी चर्चा रही।