कुशीनगर। जिले की सीमा के करीब बिहार के शमशेरवा के पास एसबीआई के 20 लाख रुपये की लूट की घटना के 48 घंटे बीत जाने के बाद भी पुलिस लुटेरों तक पहुंचने में नाकाम है।
जबकि बिहार के साथ ही जिले की भी पुलिस टीम बदमाशों की तलाश में जुटी है। इस मामले में कैश ले जाने वाले वाहन का चालक शक के घेरे में आया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
बिहार के पश्चिमी चंपारण के डीआईजी गोपाल गुप्ता ने घटनास्थल का जायजा लिया। उन्होंने घटना का जल्द खुलासा करने के लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया।
यूपी और बिहार पुलिस के लिए लूट की इस घटना चुनौती बनी है। इसका खुलासा पुलिस के लिए साख का सवाल बना है। इस मामले में अब तक पुलिस के हाथ बदमाश नहीं आए हैं।
पुलिस की छह टीमें बदमाशों की तलाश में जुटी हैं। रकम लूटने के बाद बदमाश जिन दो बाइकों को छीनकर भागे थे, उनका भी कुछ पता नहीं चला है।
पुलिस अब तक यह भी नहीं जान पाई है कि इस घटना में यूपी के बदमाश शामिल हैं, या बिहार के। मामले की तहकीकात कर रही पुलिस टीम का शक अब कैश ले जाने वाले वाहन के चालक पर गहरा गया है। पुलिस उससे पूछताछ की, अभी फिर पूछताछ की जानी है।
पिछले महीने महराजगंज के निचलौल से बदमाशों ने जिस वाहन को बिहार में ले जाकर लूटा था, उसी का इस घटना में इस्तेमाल किया गया है।
सवाल यह उठता है कि इतने दिनों तक बदमाश फर्जी नंबर लिखे प्लेट को लगाकर गाड़ी से चलते रहे और पुलिस उन्हें पकड़ नहीं पाई। जबकि बिहार के नौरंगिया थाने में इस गाड़ी के गायब होने के बाद केस भी दर्ज था। यूपी-बिहार सीमा पर पुलिस की ओर से बैरियर भी लगाए गए हैं।
पर यहां तैनात जवानों की भी लापरवाही सामने आ रही है। बृहस्पतिवार को पश्चिमी चंपारण के डीआईजी गोपाल गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा करके जानकारियां लीं।
उन्होंने जल्द लुटेरों के पकड़े जाने और मामले का खुलासा करने का दावा करते हुए कहा कि कुछ सुराग मिले हैं। पुलिस टीम काम कर रही है। कैश वाली गाड़ी के चालक से पूछताछ की उन्होंने पुष्टि की।